नालागढ़ कोर्ट ने क्लीनिक संचालक को 1.20 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया
साल 2011 में बद्दी-साई मार्ग पर क्लीनिक से पकड़ी थीं दवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज गुप्ता ने दोषी को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत सजा सुनाई है। दोषी कंकण कुमार बागची को पांच साल के कठोर कारावास और 1,20,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। बिना वैध लाइसेंस के एलोपैथी दवाइयां बेचने और स्टॉक करने का दोषी पाया गया।
उप-जिला न्यायवादी मनोज चौहान ने मामले की जानकारी दी। बताया कि 21 जुलाई 2011 को एक संयुक्त टीम ने छापा मारा था। टीम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी सोलन, चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ और ड्रग्स इंस्पेक्टर अनूप शर्मा शामिल थे। पुलिस बल भी उनके साथ था। यह छापा गुल्लरवाला के समीप साई रोड बद्दी स्थित मेसर्स गौरव क्लीनिक पर मारा गया। निरीक्षण के दौरान कंकण कुमार बागची एलोपैथी की विभिन्न दवाइयां बेचते और स्टॉक करते हुए मिला। वह दवाइयों की बिक्री का वैध लाइसेंस या रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर का प्रमाण पत्र पेश नहीं कर सका। उसने यह भी नहीं बताया कि दवाइयां कहां से खरीदी थीं।
मामले की गहन जांच और कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ अभियोग चलाया गया। यह अभियोग ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 18(सी) और 18-ए के उल्लंघन से संबंधित था। अदालत ने गवाहों के बयानों और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर कंकण कुमार बागची को दोषी ठहराया। उसे धारा 27(बी)(2) के तहत पांच साल के कठोर कारावास और 1,00,000 रुपये जुर्माने की सजा मिली। इसके अतिरिक्त, धारा 28 के तहत एक साल का कारावास और 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।