बद्दी में आरोपी से पुलिस ने पकड़ी थी 1.474 किलोग्राम अफीम
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नालागढ़ कोर्ट ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के एक गंभीर मामले में आरोपी विशाल की जमानत याचिका खारिज कर दी है। विशेष न्यायाधीश डॉ. पंकज गुप्ता की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पुलिस रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद यह फैसला सुनाया।
पुलिस थाना बद्दी के तहत दर्ज मामले में बद्दी की स्पेशल सेल ने जुडीकलां गांव में आरोपी विशाल के किराये के कमरे से 1.474 किलोग्राम अफीम बरामद की थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को 22 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था। आरोपी के वकील ने दलील दी कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। जांच पूरी हो चुकी है और आरोपी से अब कोई और रिकवरी नहीं होनी है। वह जमानत की शर्तों का पालन करने के लिए तैयार है। लेकिन सरकारी वकील ने जमानत याचिका का जोरदार विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि आरोपी के कब्जे से 1.474 किलो भारी मात्रा में अफीम बरामद हुई है। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ पहले से ही भारतीय दंड संहिता के तहत दो अन्य मामले दर्ज हैं। आशंका है कि जमानत मिलने पर वह दोबारा ऐसा अपराध कर सकता है। फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश डॉ. पंकज गुप्ता ने कहा कि इस मामले में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ है। अदालत ने टिप्पणी की कि इस तरह के अपराध आजकल तेजी से बढ़ रहे हैं और युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहे हैं। अभियोजन पक्ष की यह आशंका भी सही पाई गई कि आरोपी जमानत पर बाहर आकर फिर से ऐसा अपराध कर सकता है। इस मामले में अभी चार्जशीट पेश होनी है, इसलिए अदालत ने इन तमाम परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को जमानत का लाभ देने से इन्कार कर दिया और याचिका खारिज कर दी।