पांच लाख की देनदारी, ठेकेदार ने आगे काम करने में जताई असमर्थता
प्रदेश के गेहूं बीज उत्पादन का मुख्य केंद्र है नालागढ़ का मझोली कृषि फार्म
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। कृषि फार्म मझोली में गेहूं की ग्रेडिंग का भविष्य संकट में नजर आ रहा है। कृषि विभाग ने ठेकेदार और मजदूरों का पिछला भुगतान नहीं किया है। इसके चलते आगामी सीजन में काम रुकने की नौबत आ गई है। ठेकेदार ने स्पष्ट कर दिया है कि भारी देनदारी के चलते वह अब उधार में काम जारी रखने की स्थिति में नहीं है।
मझोली कृषि फार्म, जो प्रदेश के लिए उच्च गुणवत्ता वाला गेहूं बीज तैयार करता है, वहां पिछले वर्ष 1950 क्विंटल बीज तैयार किया गया था। इस कार्य के लिए लगाए तीन मजदूरों को 425 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पिछले 10 महीनों से मानदेय नहीं मिला है। इसके अलावा गेहूं की कटाई करने वाले कंबाइन संचालक के भी पिछले वर्ष के 78 हजार रुपये के दो बिल विभाग के पास लंबित हैं।
ग्रेडिंग सेंटर का संचालन करने वाले ठेकेदार बनता राम ने बताया कि विभाग के पास उनका करीब 5 लाख रुपये का भुगतान बकाया है। इसमें पिछले वर्ष के गेहूं भंडारण की लेबर लागत और जुलाई माह में उड़द भंडारण के बिल शामिल हैं। ठेकेदार का कहना है कि जब तक पुरानी राशि का भुगतान नहीं होता, तब तक लेबर को अपनी जेब से भुगतान करना उनके लिए संभव नहीं है।
बजट की भेजी मांग
पिछले वर्ष के बिलों का भुगतान अभी तक मुख्यालय से प्राप्त नहीं हुआ है। नए वित्तीय वर्ष में बजट की दोबारा मांग की गई है। जैसे ही धनराशि उपलब्ध होगी, ठेकेदार और मजदूरों का पूरा भुगतान कर दिया जाएगा।
-किरण कुमार, प्रभारी, कृषि फार्म
ग्रेडिंग रुकने से किसानों को होगी परेशानी
बताया जा रहा है कि इस सेंटर पर न केवल सरकारी फार्म, बल्कि स्थानीय किसानों द्वारा तैयार किए बीज की भी ग्रेडिंग, टैगिंग और दवा लगाने का कार्य होता है। यदि समय रहते भुगतान नहीं हुआ, तो बीज आपूर्ति शृंखला प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर आगामी बुआई सीजन पर पड़ेगा।