खास खबर : रामपुर बाजार में लगाया स्टॉल बना आकर्षण, चॉकलेट, दीये और मोमबत्तियां बेच रहे दिव्यांग बच्चे
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दिवाली से दो महीने पहले ही उत्पाद बनाने जुट गए थे कोशिश एक आशा विशेष स्कूल बच्चे ईशिका गौतम
रामपुर बुशहर। दिव्यांग बच्चों की बनाईं मोमबत्तियों से दिवाली जगमगाएगी और चॉकलेट मिठास भरेगी। रामपुर बाजार में दिवाली को लेकर कोशिश एक आशा विशेष स्कूल के दिव्यांग बच्चों ने सजावट के सामान का स्टॉल लगाया है। स्टॉल पर बच्चों की बनाईं मोमबत्तियां, चॉकलेट, दीये और रुई बत्ती को बिक्री के लिए रखा है। बाजार में दिव्यांग बच्चों की ओर से बनाए गए सामान आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्टाॅल पर 20 रुपये से 250 रुपये तक की मोमबत्तियां बिक रही हैं। लोगों को मोमबत्तियां बहुत पसंद भी आ रही हैं। दिवाली के चलते ये बच्चे दो महीने पहले ही मोमबत्तियां और दीये बनाने में जुट गए थे।
कोशिश एक आशा विशेष स्कूल है। इस स्कूल में 44 दिव्यांग बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनने के लिए जागरूक किया जाता है। स्कूल की संस्थापक स्वाति बंसल ने कहा कि हर वर्ष हर त्योहार पर ये बच्चे अपने हाथों से सामान बनाते हैं। रक्षा बंधन पर राखी और दिवाली पर चॉकलेट और मोमबत्तियां बनाते हैं। उत्पाद बनाने की प्रक्रिया के दौरान बच्चों के साथ अभिभावक और अध्यापक पूरा सहयोग करते हैं। बच्चों ने अध्यापकों के सहयोग से रंगबिरंगी मोमबत्तियां और खुशबूदार मोमबत्तियां बनाई हैं। बच्चों की बनाईं मोमबत्ती और दीये लोगों को पसंद आ रहे हैं। सामान बेचने पर मिले पैसों को एनजीओ के खाते में डाला जाता है। इस वर्ष बच्चों को मोमबत्तियां बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। रक्षा बंधन पर बच्चों को एक राखी बनाने के दो रुपये दिए जाते हैं। उन्होंने लोगों से मोमबत्तियां खरीदने का आह्वान किया, ताकि इन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़े और आत्मनिर्भर बनें। संवाद