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स्वास्थ्य सेवा के मसले पर मंत्री के सामने भिड़े व्यापारी और कांग्रेसी

Thu, 30 Jun 2016 10:18 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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सोलन में लोगों से बात करने पहुंचे मंत्री धनीराम शांडलि। - फोटो : अमर उजाला
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अस्पताल में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और समय पर एंबुलेंस न मिलने को लेकर व्यापार मंडल का प्रदर्शन तूल पकड़ने लगा है। वीरवार जब कारोबारी सामाजिक न्याय मंत्री धनीराम शांडिल के समक्ष रोष जताने पहुंचे तो मौके पर ही सीएमओ को बुलाया गया और बैठक तय हो गई। कांग्रेसियों ने मंत्री के खिलाफ नारे लगाने पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए व्यापारियों को बैठक में घेरना शुरू कर दिया। इस दौरान व्यापारियों और कांग्रेसियों में खूब बहसबाजी हुई। बात तू तू मैं मैं तक पहुंच गई। करीब 15 मिनट तक बैठक में खूब हंगामा हुआ और गुस्साए कारोबारी बाद में बैठक छोड़ कर जाने लगे लेकिन मंत्री के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
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  कारोबारियों ने सोलन अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने की मंत्री से गुहार लगाई है। इसमें मंत्री ने मामला कैबिनेट में उठाने का आश्वासन दिया। मंडल का कहना है कि 200 बिस्तरों के अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक नहीं हैं। इससे रोगियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता, गिरिश साहनी, अक्ष्य वर्मा, मुकेश गुप्ता, सतीश बंसल, सुरेंद्र मरवाह, मुकेश भासीन, गुरशरण सिंह, गौरव साहनी, मनु शर्मा और राहुल गुप्ता मौजूद रहे।

मांग-01  
व्यापार मंडल ने मांग उठाई है कि सोलन में कम से कम 40 चिकित्सकों की तैनाती की जाए। यहां 2000 से अधिक ओपीडी है। चिकित्सकों की उपलब्धता न होने से रोगियों को रेफर किया जाता है। समय पर इलाज न मिलने से हालत बेहद क्रिटिकल हो जाती है। बीच रास्ते में ही रोगी दम तोड़ जाते हैं। मंत्री के समक्ष यह मुद्दा कैबिनेट में उठाने की मांग रखी गई।
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मांग-02
आपातकाल में पांच एमबीबीएस चिकित्सक की तैनाती की मांग भी की। मंडल का कहना है कि 22 चिकित्सकों की पोस्टें अस्पताल में स्वीकृत हैं। इसमें कुछ अंडर ट्रांसफर हैं तो कुछ कोर्ट और अन्य ड्यूटी पर रहते हैं। कुछ नाइट ड्यूटी पर आते हैं। ऐसे में मुश्किल से स्वीकृत पदों से आधे चिकित्सकों के सहारे अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं होती हैं। जओपीडी काफी अधिक रहती है।

मांग-03
व्यापारमंडल ने मंत्री से 108 एंबुलेंस सेवा को बढ़ाने की मांग की है। मंडल का कहना है कि सोलन एरिया काफी बड़ा है। एनएच पर स्थित होने के चलते यहां काफी हादसे होते रहते हैं। औद्योगिक गतिविधियां भी काफी रहती हैं। ऐसे में अतिरिक्त एंबुलेंस सेवाओं का होना यहां जरूरी है। इसके अलावा सामाजिक संस्थानों को भी विशेष रूप से ऐसी सेवाएं देने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए।

यूं शुरू हुई नोकझोंक
यदि कारोबारी मंत्री के साथ बैठक करना चाहते थे तो नारेबाजी क्यों की? बैठक के दौरान कुछ कांग्रेसी बार बार इस जुमले को दोहराते रहे। इसी बीच कुछ व्यापारी भड़क गए। बहस होने लगी की कारोबारियों में ज्यादा तबका बीजेपी का है। इस पर कारोबारियों ने दो टूक कहा कि मामले में कोई राजनीति नहीं कर रहा है। उनके साथी को हार्ट अटैक पड़ने के कारण अस्पताल में जो परेशानी हुई, उसके रोष स्वरूप सरकार को जगाने के लिए व्यापारियों ने प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। लोकतंत्र है और नारेबाजी की जा सकती है। बस हंगामा शुरू हो गया। देखते ही देखते व्यापारी व कांग्रेसी आपस में उलझ गए। कुछ देर के लिए बैठक में माहौल पूरी तरह से खराब हो गया। गुस्से में आकर व्यापारी बैठक छोड़कर जाने लगे, लेकिन मंत्री धनीराम शांडिल ने मामला शांत करवाने के लिए कांग्रेसियों को चुप रहने की हिदायत दी।

जनसमस्या के निदान के लिए प्रयास: जेठी
व्यापारमंडल के अध्यक्ष कुशल जेठी यह प्रदर्शन व्यक्तिगत नहीं है। स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो और जनसुविधा हो इसके लिए प्रयास हैं। अस्पताल के मुद्दे पर कारोबारी किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं चाहते। उन्होंने मंत्री से सोलन अस्पताल के लिए डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने का मामला कैबिनेट में उठाकर यहां पर डाक्टरों की संख्या करीब 40 करने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि यदि आपात सेवाओं के लिए यहां पर 5 एमएमबीएस डाक्टरों की  नियुक्ति हो जाती है, तो इससे विशेषज्ञ डाक्टरों को रात को ड्यूटी नहीं देने पड़ेगी और वे दिन भी मरीजों के लिए उपलब्ध रहेंगे। एंबुलेंस सेवा भी बढ़ाई जाए।

सरकार के समक्ष उठाएंगे मुद्दा
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि जनहित में वह मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व कैबिनेट की बैठक में इस मुद्दे को उठाएंगे और सोलन अस्पताल में मरीजों की ओपीडी व बिस्तरों की संख्या के हिसाब से नियमों में संशोधन करवाकर यहां पर डाक्टरों की संख्या बढ़वाएंगे। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सरकार प्रयासरत हैं। सभी को समय पर स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके  लिए हर संभव सहायता सरकार कर रही है।

अस्थाई तौर पर चिकित्सक हो तैनात : भारती
बैठक में मंत्री के समक्ष विजय फोरम के अध्यक्ष तरसेम भारती मांग रखी कि जब तक कैबिनेट में डाक्टरों की संख्या बढ़ाने को लेकर कोई फैसला नहीं होता, तब तक अस्थाई तौर पर यहां पर अतिरिक्त डाक्टरों की नियुक्ति होनी चाहिए। कहा कि इस मामले को लेकर वे व्यापार मंडल के साथ मिलकर हस्ताक्षर अभियान शुरू करेंगे। यदि सोलन में अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती होती है तो जनता के लिए फायदेमंद होगा।
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