पंजीकरण समेत अन्य कार्य करवाने के लिए भी जाना पड़ रहा चंडीगढ़
उत्पादों पर भी बीआईएस स्टेंपिंग प्रक्रिया समय पर नहीं हो रही पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू से भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) कार्यालय चंडीगढ़ शिफ्ट होने से उद्योगपतियों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। कार्यालय को शिफ्ट हुए चार माह हो गए हैं। इसके बाद संबंधित विभाग से कार्य पड़ने पर उद्योग इकाइयों के मालिकों को चंडीगढ़ जाना पड़ रहा है। 1990 में परवाणू में उद्योगों में आवश्यक कार्यों को पूरा करने के लिए कार्यालय खोला गया था। वहीं छोटे समेत बड़े उद्योगों को बीआईएस पंजीकरण कागजात भी आसानी से परवाणू में उपलब्ध हो रहे थे। वहीं ज्वेलरी उत्पादों पर बीआईएस को स्टेंपिंग की प्रक्रिया का लाभ भी नहीं मिल रहा है।
वहीं कार्यालय के परवाणू में होने से कई प्रकार के सामान पर भी नकेल कसी जा रही थी। लेकिन अब काफी दिक्कतें आनी शुरू हो गई हैं। वहीं बाजार में टीम के निरीक्षण न करने पर निम्र गुणवत्ता वाली वस्तुएं भी उपभोक्ताओं को दी जा रही हैं। केंद्रीय कार्यालय के चंडीगढ़ शिफ्ट होने पर परवाणू उद्योग संघ की तरफ से महासचिव सार्थक तनेजा ने डीजी भारतीय मानक ब्यूरो दिल्ली को पत्र भेजकर उक्त कार्यालय की शिफ्टिंग पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिल पाया। साथ ही कार्यालय से जवाब मिला कि सर्टिफिकेशन कार्य ऑनलाइन हो गया है। इसके अलावा प्रदेश से कई अन्य उद्योगों के मालिकों की ओर से भी इस संबंध में पत्राचार किया गया है।
इनसेट
ऑनलाइन प्रमाणीकरण से अनभिज्ञ
हिमाचल में लघु उद्योग काफी संख्या में है। यह बीआईएस की ऑनलाइन प्रमाणीकरण से अनभिज्ञ हैं। उन्हें छोटे से छोटे कार्य करवाने के लिए भी चंडीगढ़ जाना पड़ता है। हिमाचल का शाखा कार्यालय चंडीगढ़ से संचालित होने से अब हिमाचल के उद्योगपतियों को काफी मुसीबतें आ रही हैं।