फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पर्यटन स्थल बड़ोग साडा में शामिल, नए नियम करने होंगे फॉलो

Fri, 16 Dec 2016 09:42 PM IST
ब्यूरो, सोलन
विज्ञापन
पर्यटन की दृष्टि से अहम बड़ोग को साडा (विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण) में शामिल कर दिया है। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पर्यटन की दृष्टि से अहम बड़ोग को साडा (विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण) में शामिल कर दिया है। लिहाजा क्षेत्र में अंधाधुंध और बेतरतीब निर्माण पर अब शिकंजा कस सकेगा। वहीं पर्यटन की दृष्टि से अहम इस स्टेशन की खूबसूरती पर कंकरीट का दाग भी नहीं लगेगा। विशेष योजना के तहत बड़ोग की खूबसूरती पर चार चांद लगेंगे। वर्तमान में बड़ोग पर्यटन स्थल एकांत और चुनिंदा पर्यटन स्थलों में एक है।
विज्ञापन


यहां सनसेट और सनराइज का नजारा देखते ही बनता है। इसके अलावा बड़ोग हाइटस की मनोरम पहाड़ियां काफी हद तक सैलानियों को अपनी तरफ आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ती। महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने जिले के बड़ोग विशेष क्षेत्र के लिए विकास योजना को बिना किसी ऑब्जेक्शन के अनुमोदित कर दिया है। इस संबंध में प्रदेश की अतिरिक्त मुख्य सचिव (नगर नियोजन) मनीषा नंदा ने अधिसूचना जारी कर दी है।  
नगर एवं ग्राम योजनाकार लीला श्याम ने कहा कि बडोग में अब तमाम कार्य साडा नियमों के तहत ही होंगे।

जनवरी 2016 में मांगे थे सुझाव
राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश नगर और ग्राम योजना अधिनियम, 1977 (1977 का अधिनियम संख्याक 12) की धारा 20 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए विकास योजना को स्वीकृति प्रदान की है।  इस संबंध में 05 जनवरी 2016 को विकास योजना का प्रारूप, आक्षेप तथा सुझाव आमंत्रित किए गए थे। इन सभी पर विचार किया गया।
विज्ञापन


यहां उपलब्ध रहेगी प्रति
बड़ोग विशेष क्षेत्र की विकास योजना का खाका निदेशक, नगर एवं ग्राम योजना विभाग, कसुम्पटी शिमला के अलावा अध्यक्ष, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण बड़ोग एवं उपायुक्त सोलन तथा सदस्य सचिव विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, बड़ोग एवं नगर और ग्राम योजनाकार सोलन के कार्यालयों में कार्यालय समय में निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेगी।

यह क्षेत्र शामिल
विशेष क्षेत्र में धर्मपुर ज्ञानी माडर्न ढाबा से लेकर नगाली पुल का क्षेत्र आएगा। इसमें डगशाई भी शामिल होगा। बाईपास शमलेच तक का कुछ एरिया साडा के अधीन होगा। इनमें तय नियमों के तहत ही कंस्ट्रक्शन हो सकेगी।

यह होगा मुख्य बदलाव
01- अधिकतम ऊंचाई 21 मीटर
भवन की अधिकतम ऊंचाई 21 मीटर होगी। इससे अधिक ऊंचाई का निर्माण अवैध होगा। अधिकतम फ्लोर एरिया रेशो 1.75 मीटर और एटिक और बेसमेंट को मंजिल के रूप में माना जाएगा।

02- फॉरेस्ट एरिया पर निर्माण प्रतिबंधित
कोई भी कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी फॉरेस्ट एरिया और स्टीप लैंड पर नहीं होगी। स्पेशल एरिया में मिक्सड यूज ऑफ लैंड अनुमोदित की जा सकती है। नियमों में अन्य किसी भी तरह की छूट इन एरिया में नहीं दी जाएगी। मेजर रोड में कम से कम पांच मीटर सेट बैक भवन निर्माताओं को छोड़ना ही होगा।

03- एनएच 22 के रोड लेवल तक निर्माण नहीं
एनएच 22 के रोड लेवल से अधिक कोई भी भवन नहीं बन सकेगा। एनएच की सेंटर लाइन से 22.50 मीटर के अलावा पांच मीटर कंट्रोल विडथ तक निर्माण पर प्रतिबंध रहेगा। बडोग- कुमारहट्ी-धर्मपुर सुबाथू रोड पर यह पैमाना छह मीटर रहेगा। निर्माण के लिए कंपीटेंट अथॉरिटी के लिए एनओसी लेनी होगी।

04- हाउसिंग और व्यावसायिक भवनों पर यह नियम
हाउसिंग सोसाइटी, अस्पताल, व्यवसायिक संस्थान, शिक्षण संस्थान का भवन आकर 15 मीटर से अधिक ऊंचा है तो फायर विभाग की एनओसी लेनी पड़ेगी। अपॉर्टमेंट, टूरिस्ट रिजॉर्ट, इंडस्ट्री और मुख्य कार्मिशियल संस्थान को तब तक मंजूरी नहीं मिलेगी जब तक कंपिटेंट अथॉरिटी के नियमों के तहत पानी के स्रोत का इंडीपेंडेंट सोर्स नहीं होगा।

यह होंगे विकास के कार्य
कुमारहट्टी और धर्मपुर में पार्किंग लाट्स और पार्क साडा के तहत विकसित किए जाएंगे। बड़ोग एक टूरिस्ट प्लेस है। लिहाजा इस योजना के तहत बड़ोग से बड़ोग रेलवे स्टेशन तक टूरिस्ट ट्रैक बनाने की भी योजना है। इसके अलावा योजनाबद्ध तरीके से बस स्टाप भी बनाने का प्रावधान साडा के नियमों के किया है। साफ सफाई को लेकर भी कई प्रस्ताव इस योजना के तहत हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें