सोलन। कोरोना वायरस के चलते अस्पतालों में खून की कमी हो गई है। लॉकडाउन और कर्फ्यू के कारण रक्तदान शिविर नहीं लग पा रहे हैं। इससे खून की कमी हो गई है। अस्पताल के ब्लड बैंक में भी खून की कमी आनी शुरू हो गई है। बैंक में सिर्फ करीब 15 यूनिट रक्त ही रह गया है। हालांकि इन दिनों लॉकडाउन सहित अस्पताल में कम ऑपरेशन होने के कारण खून मांग भी कम है। लेकिन आपातकाल के दौरान खून की एकदम से आवश्यकता पड़ती है। कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे के कारण अब रक्तदाता भी रक्दान के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसके चलते ब्लड बैंक में खून की कमी आने लग गई है, अस्पताल में सिर्फ आपात स्थिति के लिए ही रक्त बचा है। इसके अलावा सर्दियों के मौसम में भी जिला सोलन में बहुत कम रक्तदान शिविर लग पाए थे, जिससे रक्त की कमी भी आई थी। जिसके बाद इसे पूरा करने के लिए करीब चार शिविर लगाए गए थे।
तीन स्टोरेज यूनिट को भी जाता है खून
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन का ब्लड बैंक अपने अलावा 3 अन्य स्टोरेज यूनिट को भी फीड करता है। जिले में कुछ समय पहले नालागढ़, परवाणू और अर्की में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित किए गए हैं। इन यूनिट में डिमांड के अनुसार समय-समय पर यहां से रक्त भेजा जाता है, लेकिन अब ब्लड बैंक खुद ही खाली हो गया है। वहीं संबंधित सेंटरों से भी बहुत कम खून की मांग यहां पहुंच रही है।
एमएस सोलन डॉ. महेश गुप्ता ने बताया कि कोविड-19 के खतरे के चलते रक्तदान शिविर नहीं लग पा रहे है। इसके चलते ब्लड बैंक रक्त की कमी से जूझ रहा है। इसके अलावा आपरेशन न होने और दुर्घटनाओं में कमी के कारण रक्त की डिमांड भी न के बराबर हो गई है। इसके अलावा ब्लड बैंक के पास रक्तदाताओं की सूची उपलब्ध रहती है और आपात स्थिति में स्वैच्छिक रक्तदाताओं को बुलाकर रक्त की मांग पूरी की जाती है।