विशेषज्ञों का दावा है कि उच्च रक्तचाप (बीपी) को नियंत्रित करने और पाइल्स (बवासीर) जैसी बीमारियों से लड़ने में यह मशरूम बेहद कारगर मानी जा रही है। देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों में ब्लैक इयर मशरूम का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से काफी समय से किया जाता रहा है। वहां के लोग इसे अपने दैनिक आहार में विशेष स्थान देते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण इसका सबसे ज्यादा सेवन सूप और काढ़े के रूप में किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और फाइबर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं।
इसके साथ ही बीपी को सामान्य बनाए रखने में मदद करते हैं। खुंब निदेशालय के वैज्ञानिक डॉ. परमेश ने बताया कि इस मशरूम की खेती करना किसानों के लिए भी काफी आसान और लाभदायक सौदा साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसे उगाने के लिए किसी जटिल प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती, यह साधारण गेहूं के भूसे पर आसानी से तैयार हो जाती है।