देररात तक चली पदाधिकारियों की बैठकें, आवेदकों के लिए साक्षात्कार
प्रस्तावित नामों पर कल होगी चर्चा, आला कमान को भेजे जाएंगे नाम
कांग्रेस की लिस्ट आज हो सकती है जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नगर निगम सोलन में चुनावी जंग रोचक होती जा रही है। जहां कांग्रेस की ओर से 50 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने चुनाव लड़ने के लिए आवेदन किया है, वहीं अब भाजपा की ओर से भी 96 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ने के लिए आवेदन कर दिया है। इसे लेकर भाजपा की देररात तक बैठकें चलती रहीं। भाजपा के चुनाव प्रभारियों ने सभी प्रस्तावित नामों पर चर्चा की। उसके बाद उन्होंने आवेदकों के साक्षात्कार भी लिए, ताकि सही प्रत्याशी का चयन किया जा सके। हालांकि अब भाजपा अपने स्तर पर इसमें से हर वार्ड से दो से तीन प्रत्याशियों के नाम आला कमान को भेजेगी, ताकि उसमें से एक-एक प्रत्याशी का नाम चयनित हो सके। दो दिन में भाजपा सभी 17 वार्डों में प्रत्याशियों की लिस्ट फाइनल कर देगी, जिसके बाद प्रत्याशी अपने नामांकन कर सकेंगे। वहीं कांग्रेस की लिस्ट मंगलवार को जारी होने की उम्मीद है।
बागी होने का भी डर
नगर निगम सोलन के 17 वार्डों से भाजपा व कांग्रेस दोनों दलों में इतने अधिक आवेदकों के सामने आने से दोनों दलों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसमें अब सबसे अधिक डर बागी होने का रहेगा। जिन आवेदकों के नाम कटेंगे, वह बागी होकर या तो आजाद चुनाव लड़ सकते हैं या फिर किसी अन्य दल में जा सकते हैं। ऐसे में अब दोनों दलों को सोच समझकर प्रत्याशी तय करने होंगे, ताकि उन्हें अन्य आवेदकों को मनाने में भी आसानी रहे।
ज्यादात्तर पुराने पार्षदों ने ही किए हैं आवेदन
भाजपा व कांग्रेस दोनों ही दलों में पुराने पार्षदों ने ही आवेदन किए हैं। इसमें जो वार्ड रिजर्व भी हो चुके हैं, उनमें अपनी पत्नी या माता के नाम से ही प्रत्याशियों ने आवेदन किया है। वहीं जो महिलाएं पहले पार्षद रह चुकी हैं, उन्होंने भी इस बार आवेदन किया है। ऐसे में अब दोनों दलों को यह भी मुश्किल है कि वह पुराने ही पार्षदों को टिकट दें या फिर नए चेहरों पर दाव खेलें।
जिले में पांच नगर निकायों में होने हैं चुनाव
जिले में इस बार पांच नगर निकायों में चुनाव होने हैं, इसमें नगर निगम सोलन समेत नगर परिषद परवाणू, नगर परिषद नालागढ़, नगर पंचायत अर्की व नगर पंचायत कंडाघाट शामिल हैं। इसमें अभी पांच में से चार नगर निकायों में कांग्रेस के महापौर व अध्यक्ष रहे हैं, जबकि कंडाघाट में भाजपा समर्थित अध्यक्ष थीं। ऐसे में इस बार चुनाव कांग्रेस अपनी साख बचाने के लिए लड़ेगी, जबकि भाजपा अपने अध्यक्ष बनाने के लिए चुनाव में जीतोड़ मेहनत करेगी।
भाजपा उम्मीदवारों के साक्षताकार लेने के लिए बैठी टीम। स्रोत भाजपा