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Solan News: जिले की कई पंचायतों ने नहीं लिया अस्पताल से अपना रिकॉर्ड

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लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र लेने आना पड़ रहा सोलन

नाम में त्रुटि ठीक करवाने के लिए भी पहुंच रहे लोग पंचायत में
मौजूदा समय में पंचायतों में ही मिलता है ग्रामीण क्षेत्रों का रिकॉर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में आमतौर पर जन्म और मृत्यु का रिकॉर्ड लेने के लिए लोग पंचायतों में पहुंचते हैं। वहां पर आसानी से उन्हें पूरा रिकॉर्ड भी मिल जाता है, लेकिन 25 पंचायतें ऐसी हैं जिन्होंने क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से अपनी पंचायत के लोगों का जन्म और मृत्यु का रिकॉर्ड ही नहीं लिया है। यह रिकॉर्ड कई वर्षों का है। वहीं इस दौरान पैदा हुए लोगों का रिकॉर्ड लेने के लिए अब लोग अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। यही नहीं अगर उनके नाम में कोई त्रुटि ठीक करवानी हो तो पंचायत और अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसमें ज्यादातर पंचायतें दूरदराज क्षेत्रों की हैं जिनमें बद्दी, नालागढ़ और अर्की भी शामिल हैं।
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ये पेश आ रहीं दिक्कतें
पंचायतों में जब लोगों के जन्म और मृत्यु का रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है तो उन्हें अस्पताल आना पड़ रहा है। यही नहीं अगर नाम में कोई त्रुटि ठीक करवानी हो तो संबंधित व्यक्ति को पहले कोर्ट जाकर शपथपत्र बनाना पड़ रहा। उसके बाद संबंधित पंचायत के सचिव को लेकर अस्पताल पहुंचना पड़ रहा। सचिव के साइन और स्टैंप के बाद ही नाम दुरुस्त हो पा रहा है। इस तरह की दिक्कतें अक्सर लोगों को आ रही हैं।
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इन पंचायतों में आ रही परेशानी
जिले की 25 पंचायतों का रिकॉर्ड यहीं पर पड़ा है। इसमें ज्यादातर पंचायतों का रिकॉर्ड 1975 से लेकर 2009 के बीच का है, जो अस्पताल में पड़ा है। इन पंचायतों में शहर के साथ लगती बसाल, अन्हेच, जाड़ली, हरिपुर, जाबल जमरोट, पट्टा बरौरी, खिल्लियां, खेड़ा, किशनपुरा, भटोलीकलां, भोगपुर, राजपुरा, घोलोवाल, मंझोली, चम्मो, प्राथा, नारायणी, कोट, बनासर, कोटबेजा, भारती, टकसाल, सूरजपुर, जंगेशू और किरपालपुर शामिल हैं।
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पंचायतें ले जाएं रिकॉर्ड
कुछ पंचायतों का पुराना जन्म और मृत्यु का रिकॉर्ड अस्पताल में ही पड़ा है। इससे लोगों को प्रमाणपत्र लेने के लिए अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। पंचायत प्रतिनिधि अस्पताल से रिकॉर्ड ले जाएं ताकि लोगों को परेशानी न आए। -डॉ. अमित रंजन तलवाड़, कार्यकारी सीएमओ क्षेत्रीय अस्पताल, सोलन
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