अब तक 5 करोड़ रुपये की राशि देने के लिए तैयार हो चुके हैं खाताधारक
बैंक के कर्मचारी भी अपने सैलरी अकाउंट से कटवा चुके हैं कुछ राशि
अक्तूबर से पहले कैपिंग हटने के भी बने आसार, खाताधारकों को राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बघाट बैंक को वित्तीय संकट से उबारने के लिए जहां प्रदेश सरकार ने 20 करोड़ रुपये की सहायता राशि जमा करवा दी है। वहीं बैंक के शेयरधारक और खाताधारक स्वेच्छा से मदद के लिए आगे आए हैं। सूत्रों की मानें तो अब तक पांच करोड़ रुपये की राशि देने के लिए खाताधारक तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा बैंक के करीब 112 कर्मचारियों ने भी अपनी सैलरी से कुछ हिस्सा दे दिया है।
बैंक प्रबंधकों को अभी करीब दो से तीन करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता है जो जल्द इकट्ठा हो सकती है। इस पूंजी से बैंक की वित्तीय स्थिति को मजबूत किया जा सकेगा। उम्मीद है कि अक्तूबर से पहले ही बैंक पर लगी कैपिंग हट जाएगी। कैपिंग हटने से बैंक के हजारों खाताधारकों को बड़ी राहत मिलेगी। वे अपनी जमा राशि का पूरा उपयोग कर सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार अब तक 5 करोड़ रुपये देने के लिए शेयर होल्डर व खाताधारक तैयार हो गए हैं।
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कैंपिंग लगे अक्तूबर में होगा एक साल
बघाट बैंक में बीते वर्ष 08 अक्तूबर को कैपिंग लगी थी। हालांकि यह कैंपिंग छह माह के लिए लगी थी। उसके बाद तीन माह इसे और बढ़ाया गया। हालांकि जुलाई में उम्मीद थी कि कैपिंग हट जाएगी, लेकिन बैंक का एनपीए 138 करोड़ से करीब 118 करोड़ ही पहुंच पाया, जिसके चलते आरबीआई ने जुलाई में कैपिंग बढ़ाकर अक्तूबर तक कर दी। अब जिस तरह से बैंक को शेयर कैपिटल की राशि मिली है, उससे अब कैंपिंग हटने की उम्मीद काफी बढ़ गई है।
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डिफाल्टरों पर हो रही कार्रवाई
सहायक पंजीयक की अदालत व बैंक प्रबंधकों की ओर से भी अब डिफाल्टरों पर कार्रवाई की जा रही है। एक डिफाल्टर को जेल भेज दिया गया है, जिसके बाद अब कुछ डिफाल्टरों ने अपने लोन की कुछ राशि भी जमा करवा दी है। बीते डेढ़ सप्ताह में ही करीब 20 डिफाल्टरों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने कुछ राशि देकर अपने वारंट रद्द करवाए हैं।