स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की बनेगी अपार आईडी
विद्यार्थियों और अभिभावकों को किया जा रहा जागरूक
योजना का स्कूलों में ड्रॉप आउट खत्म करना है उद्देश्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/दाड़लाघाट। स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की जानकारी अब एक क्लिक से मिल जाएगी। इसमें विद्यार्थियों की ऑटोमैटिक परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) बनाई जाएगी। इस आईडी को डीजी लॉकर से जोड़ा जाएगा। आईडी में 12 अंकों की यूनिक आईडी विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को ट्रैक करने में भी मदद करेगी। इससे विद्यार्थियों को किसी भी स्कूल में दाखिला लेने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसके लिए जिला सोलन में कार्य भी शुरू हो गया है। इसके तहत स्कूलों में विद्यार्थियों और अभिभावकों को अपार के बारे में जागरूक किया जा रहा है। सोलन के धुंदन स्कूल में प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर की अध्यक्षता में अभिभावक और शिक्षकों की बैठक हुई। इसमें अपार आईडी को लेकर चर्चा की गई। स्कूल के वरिष्ठ प्रवक्ता महेंद्र पाल कौंडल ने बताया कि अपार आईडी बनाने का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में ड्रॉप आउट को खत्म करना है। आईडी बनने के बाद यदि कोई विद्यार्थी स्कूल छोड़ता है, तो उसकी आसानी से पहचान की जा सकेगी। आईडी बनने पर विद्यार्थी देश में कहीं भी पढ़ेगा, तो उसकी पहचान करना आसान होगा। हालांकि, इस आईडी को विद्यार्थी की पहचान के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है। क्योंकि इसमें विद्यार्थी का नाम, पता, अभिभावक का नाम, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड आदि को शामिल किया जाएगा। खास बात यह है कि इससे छात्रों के अंकपत्र उनके यूनिक आईडी पर अपने आप अपडेट हो जाएंगे और डीजी लॉकर के माध्यम से आईडी पर सुरक्षित सभी जानकारी कभी भी और कहीं भी देखा जा सकेंगी।
31 मार्च तक बना सकेंगे आईडी
प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने अभिभावकों से निवेदन किया कि वे सभी अभिभावकों को जागरूक करें। अपार आईडी बनाने के लिए 31 मार्च तक डेड लाइन तय की गई है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अपार आईडी से हर छात्र को इसका लाभ मिलेगा।