बद्दी के प्राचीन शिव मंदिर में अचानक एक बारहसिंघा घुस आया। यह अपने झुंड से अलग हो गया था। शिकारी कुत्ते इसका पीछा कर रहे थे। यह कुत्तों से डर के मारे मंदिर में घुस गया। इसे बद्दी के युवाओं ने पकड़ा और वन विभाग के सुपुर्द कर दिया। बाद में विभाग के कर्मचारियों ने इसे जंगल में छोड़ दिया।
जैसे ही बारहसिंघा मंदिर में आया तो इधर उधर घुसने लगा। बद्दी के युवा गौरव कौशल, भूपेंद्र, विशाल,राजू और संजू ने शिकारी कुत्तों को भगाकर उसे पकड़ा। बारहासिंघा के मुंह से खून चल रहा था। इस पर इन युवाओं ने पशुपालन विभाग के महिला चिकित्सक को बुलाया और उसका उपचार कराया। साथ ही वन विभाग के कर्मचारियों को मौके पर बुलाया।
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सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी मौके पर आए और स्थानीय युवाओं को सहयोग से इस बारहसिंघा को वाहन में भरकर जंगल में छोड़ दिया। डीएफओ प्रीति भंडारी ने बताया कि जंगल से पानी और भोजन की तलाश में जंगली जानवर खेतों की ओर आ जाते हैं।
कई बार अपने साथियों से बिछड़ जाते हैं। कुत्ते इनका पीछा करते हैं जिससे वह रिहायशी मकानों की ओर आते है। बताया कि इस बारहसिंघा के मुंह में चोट लगी थी। उपचार करने के बाद इसे जंगल में छोड़ दिया है।