संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कोविड टीकाकरण की शुरुआत में भले ही युवाओं के मन में डर था लेकिन वैक्सीनेशन के बाद सभी खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हालांकि कई युवाओं ने लोगों से वैक्सीन के फायदे सुनकर ही टीकाकरण के लिए तैयार हुए।
कई युवा ऐसे भी हैं जो पहली डोज लगवाने में तो डर रहे थे लेकिन दूसरी डोज बिना किसी भय के लगवाई। 18 से 25 वर्ष के कई युवाओं ने कोरोना होने के डर से बूस्टर डोज भी निजी क्लीनिकों में पैसे खर्च कर लगवाई है।
अमर उजाला फाउंडेशन ने वैैक्सीन से वंचित रह गए युवाओं और बच्चों को प्रेरित करने के लिए मुहिम चलाई है। इस मुहिम में अब कई कंपनियों में कार्यरत और स्कूलों-कॉलेजों में पढ़ रहे युवा भी जुड़े हैं।
टीकाकरण करवाना चाहिए
कोरोना से बचाव के लिए सभी को टीकाकरण करवाना चाहिए। मैं दोनों टीके लगवाकर स्वस्थ हूं। अपनी कक्षा के अन्य विद्यार्थियों को भी टीकाकरण के लाभ बताए। इसके बाद उन्होंने भी टीकाकरण करवाया है।
- धैर्य चौहान छात्रा, एमआएडीएवी पब्लिक स्कूल
टीकाकरण ही एकमात्र बचाव
कोरोना से बचने का एकमात्र साधन टीकाकरण है। मैंने वैक्सीनेशन के बाद बूस्टर डोज भी लगवा लिया है। मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं और अपने साथियों को भी बूस्टर डोज लगवाने के लिए जागरूक कर रहा हूं।
- अनूप कुमार, युवा
बूस्टर डोज लगवाएं युवा
कोरोना से बचने के लिए दो डोज लगवाने के बाद इन दिनों बूस्टर डोज भी लगाई जा रही है। इस मुहिम में सभी को आगे आना चाहिए। मैंने तो बूस्टर डोज भी लगवा ली है। जिन्होंने एक भी डोज नहीं लगवाई है, वे वैक्सीनेशन करवा लें।
- सचिन बैंसन, फार्मासिस्ट
अभी खतरा टला नहीं
दोनों डोज लगवाने के बाद मैं कोरोना से सुरक्षित महसूस कर रही हूं। अभी कोरोना का खतरा टला नहीं हैं। सभी वैक्सीनेशन के लिए आगे आएं। लोगों को जागरूक करने के लिए अमर उजाला का अभियान सराहनीय है।
अनुराधा, प्रशिक्षु छात्रा, एलआर संस्थान
डर के बावजूद लगवाई वैक्सीन
वैक्सीनेशन के लिए मैं काफी डर रही थी। माता-पिता के समझाने के बाद पहली डोज लगवाई। दूसरी डोज लगवाने के लिए मैं खुद आगे आई। स्कूल में भी अपने साथियों को वैक्सीनेशन के लिए आगे आने को कहा। हमारी कक्षा में सभी की वैक्सीनेशन हो चुकी है।
- मैथिली जोशी, छात्रा, कुनिहार
दोस्तों के साथ एक मुहिम चलाई
कोरोना का टीकाकरण करवाने के बाद लोगों को जागरूक करने के लिए दोस्तों के साथ मुहिम चलाई थी। जो छात्र पहली डोज नहीं लगा रहे थे, उन्हें घर जाकर जागरूक किया। अब भी मैं वैक्सीनेशन पर जागरूक करने के लिए तैयार हूं।
- प्रवीण, वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बद्दी
बूस्टर डोज भी लगवाएं
कोरोना से जीतने के लिए जिन लोगों को बूस्टर डोज लगनी है, वे अपनी डोज लगवा लें। जिन 12 से 18 साल आयु के स्कूली विद्यार्थियों ने कोविड टीकाकरण नहीं करवाया है, वे टीकाकरण करवा लें। देश तभी स्वस्थ होगा, जब सभी का टीकाकरण हो जाएगा।
- कोमल छात्रा, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धर्मपुर
वैक्सीनेशन के लिए किया जागरूक
वैक्सीनेशन के लिए लोगों को जागरूक किया। सभी से आग्रह है कि जिन लोगों ने बूस्टर डोज नहीं लगवाई है, इसे लगवा लें। मैंने बूस्टर डोज लगवाकर साथियों को भी प्रेरित किया। इस अभियान को सफलत बनाने में सभी सहयोग करें।
- रुचि शर्मा, प्रशिक्षु, हिमालयन इंस्टीट्यूट बद्दी
हमें खुद होना होगा जागरूक
कोरोना का अभी अंत नहीं हुआ है लेकिन लोग वैक्सीनेशन को लेकर बेपरवाह है। हमें वैक्सीनेशन करवानी चाहिए। युवाओं से आग्रह है कि वे कोरोना वैक्सीनेशन करवाने के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचे। मैंने बूस्टर डोज भी लगवा चुकी है।
- सचिन, युवा
वैक्सीनेशन से हों सुरक्षित
बूस्टर डोज लगवाने में हिमाचल को आगे रखने के लिए अमर उजाला की मुहिम लाभदायक साबित होगी। हर वर्ग के नागरिकों को दो डोज के बाद बूस्टर डोज लगवाने के लिए आगे आना चाहिए। तभी हम अपने साथ दूसरों को भी सुरक्षित रख सकेंगे।
- अजय श्रीवास्तव, युवा