संहिताओं को वापस नहीं लिया तो करेंगे प्रदेशव्यापी आंदोलन
उपायुक्त सोलन के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की संयुक्त कार्य समिति के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस हिमाचल प्रदेश ने बुधवार को सोलन में रोष रैली निकाली। रैली में शहर और आसपास के क्षेत्रों की विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि, कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और श्रम संहिता 2020 को जनविरोधी, श्रमिक विरोधी एवं दमनकारी बताते हुए तत्काल वापस लेने, निरस्त करने की मांग उठाई।
यूनियनों के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार इन दमनकारी श्रम संहिताओं को वापस नहीं लेती है, तो वे मजबूर होकर प्रदेश स्तर पर सर्वव्यापी उग्र आंदोलन, हड़तालों जैसे कड़े संघर्ष करने को मजबूर हो जाएंगे। इस दौरान उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। विरोध रैली में एचपी इंडस्ट्रियल वर्कर्स यूनियन, नौणी विश्वविद्यालय कर्मचारी यूनियन, शूलिनी ऑटो रिक्शा ऑपरेर्ट्स यूनियन, नगर निगम कर्मचारी यूनियन सोलन और अन्य अनेक बड़ी-छोटी यूनियनों के प्रतिनिधियों और नेताओं ने भाग लिया। इन सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि सरकार श्रम संहिता 2020 को निरस्त नहीं करती, तो वे एक मजबूत, व्यापक और संघर्षपूर्ण आंदोलन छेड़ने से पीछे नहीं हटेंगे।
रैली का नेतृत्व यूनियन पदाधिकारियों के अतिरिक्त कामरेड अनूप पराशर, कामरेड अतुल भारद्वाज, कामरेड हेमराज कश्यप, कामरेड वीना कटोच, कामरेड इंद्र कंवर, कामरेड अशोक, कामरेड धर्मपाल ने किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित दमनकारी श्रम संहिताओं, 2020 की प्रतियां सार्वजनिक रूप से जलाकर विरोध दर्ज किया और मोदी सरकार की इन नीतियों को फासीवादी, जनविरोधी और श्रमिक विरोधी करार दिया।