सोलन। जिले में खांसी, जुकाम और बुखार के मामले तेजी से बढ़ना शुरू हो गए हैं। लोगों को कोरोना से काफी हद तक राहत है लेकिन रोज जिले में 60 से अधिक लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं। इसी के साथ जलजनित रोगों के मामले भी रोज अस्पतालों में आ रहे हैं।
वहीं, लोगों में वायरल और कोरोना संक्रमण को लेकर भी असमंजस है। इसके चलते कई खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित मरीज घर में रहकर दवाइयां ले रहे हैं। वहीं, रोजाना बढ़ रहे वायरल के मामलों को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। हालांकि, इन बीमारियों को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंतजाम पुख्ता किए हैं। बदलते मौसम और बरसात के कारण जलजनित रोगों और वायरल से लोग ग्रसित होना शुरू हो रहे हैं।
इन दिनों ऐसे ही मामले अस्पतालों में आ रहे हैं। बीते दिनों से जिला के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल में मेडिसन ओपीडी के बाहर विभिन्न रोगों से ग्रसित मरीजों की कतारें देखने को मिल रही हैं। इनमें अधिक मामले वायरल के हैं। अस्पताल में वायरल के करीब 20, डायरिया के 10 और पीलिया के सात से 10 मरीज रोजाना उपचार के लिए आ रहे हैं। इसके अलावा अन्य बीमारियों को लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं, धर्मपुर, चंडी, अर्की, सायरी और नालागढ़ चिकित्सा ब्लॉक में रोजाना वायरल से पीड़ित दर्जनों मरीज पहुंच रहे हैं।
उधर, क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल वर्मा ने बताया कि इन दिनों वायरल के मामले अस्पताल में ज्यादा हो गए हैं। लोगों से आग्रह है कि किसी भी लक्षण के आने पर चिकित्सक की सलाह पर उपचार करवाएं।
चिकित्सक की सलाह पर लें दवा : डॉ. अटवाल
क्षेत्रीय अस्पताल के मेडिकल विशेषज्ञ डॉ. कमल अटवाल ने कहा कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। बरसात में घर के आसपास गंदगी न फैलने दें। शुद्ध और स्वच्छ जल और भोजन का सेवन करें। चिकित्सक की सलाह पर ही दवाइयां लें।
वायरल और कोविड के बीच अंतर समझें
चिकित्सकों के अनुसार इन दिनों कोरोना संक्रमण के मामले कम हैं लेकिन वायरल के मामले रोजाना बढ़ रहे हैं। दोनों में लक्षण लगभग बराबर हैं। कोविड संक्रमण में बुखार और खांसी के अलावा सांस तेजी से चढ़ने लगता है और ऑक्सीजन की मात्रा कम होनी शुरू हो जाती है जबकि वायरल में ऐसा नहीं होता। वायरल में तेज बुखार के साथ जुकाम और खांसी होती है।