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Himachal: नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा, 40 हजार जुर्माना, कोर्ट में पेश हुए 11 गवाह

Tue, 31 Mar 2026 01:13 AM IST
Digvijay Singh संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन

सार

हिमाचल के सोनल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कनिका चावला की अदालत ने नाबालिग का अपहरण कर और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे 20 साल का कठोर कारावास व 40 हजार रुपये जुर्माना किया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल के सोनल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कनिका चावला की अदालत ने नाबालिग का अपहरण कर और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे 20 साल का कठोर कारावास व 40 हजार रुपये जुर्माना किया है। दोषी आसिफ अंसारी, पुत्र मुन्ना, निवासी ग्राम फुलत, डाकघर खतौली, थाना रतनपुरी, जिला मुजफ्फरपुर, उत्तर प्रदेश पीड़िता का पड़ोसी था। यह सजा तीन अलग-अलग धाराओं में की गई है और तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को दो साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। 

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मामले की पैरवी लोक अभियोजक पृथ्वी सिंह नेगी ने की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी और सोलन में एक किराये के मकान में अपने परिवार के साथ रहती थी। आरोपी जो उसके कमरे के पास ही रहता था, उसने पीड़िता से बातचीत करना शुरू कर दिया। उसके बाद, उसने पीड़िता से शादी करने की इच्छा जाहिर करते हुए उसे चंडीगढ़ और फिर सहारनपुर आने के लिए कहा, जहां उसने पीड़िता के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। इस प्रकार आरोपी ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 6, आईपीसी की धारा 363, 366 और 376 के तहत दंडनीय अपराध किया। इस मामले की रिपोर्ट महिला पुलिस थाना सोलन में दर्ज की गई थी। मामले की जांच की गई। अभियोजन पक्ष ने अपने मामले को साबित करने के लिए कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए, जिसके बाद दोषी को अदालत ने सजा सुनाई।

किस धारा में कितनी सजा व जुर्माना
दोषी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह आईपीएसी की धारा 363 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना किया गया। वहीं धारा 366 के तहत भी पांच वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी।

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