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सोलन शहर में जलसंकट बढ़ा, 10 दिन बाद मिल रहा शहर को पानी

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सोलन शहर में जल संकट, 10 दिन बाद मिल रहा पानी
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नगर परिषद पेयजल सप्लाई दुरुस्त रखने में नाकाम, पीने के लिए नहीं बची एक भी बूंद
शहर को रोज चाहिए 20 लाख गैलन पानी, अपर्याप्त सप्लाई से हाहाकार के हालात
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। शहर में पेयजल संकट कम होने की बजाय बढ़ता जा रहा है। लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकने की नौबत आ गई है। करीब एक लाख की आबादी को पूरा करने के लिए नगर परिषद के पास पर्याप्त पानी नहीं है। नगर परिषद आठ दिन में 12 लाख लीटर पानी की सप्लाई कर पा रही है। इसकी वजह से लोग खासे परेशान हैं। शहर में सबसे ज्यादा हालत बिगड़ चुके हैं। यहां शौचालयों में भी पानी खत्म हो गया है। सोलन बस स्टैंड, चिल्ड्रन पार्क, मालरोड और चंबाघाट के शौचालय पिछले एक सप्ताह से बंद पड़े हैं। यहां पर्यटकों को भी परेशानी हो रही है। होटल संचालक बाहर से टैंकर के सहारे पानी मंगवाकर सप्लाई पूरी कर रहे हैं जबकि घरों में रहने वाले लोग बोतल बंद पानी खरीदने को मजबूर हो गए हैं। शहर में जल संकट अश्वनी और गिरि खड्ड में पिछले दिनों हुई बारिश के दौरान गाद आने की वजह से आया है। कुछ दिन पहले अश्वनी खड्ड में का मुख्य टैंक धंस गया था। इसकी वजह से आईपीएच विभाग ने यहां से पानी की सप्लाई बंद कर दी है। अब महज दो दिन पहले ही इस सप्लाई को चालू किया गया है लेकिन सप्लाई शुरू होते ही मशीनों ने गाद की वजह से काम करना बंद कर दिया। उठाऊ पेयजल योजना में पानी पूरी तरह से फिल्टर न होने की वजह से पेयजल सप्लाई बार-बार बंद हो रही है। शहर में पानी न होने की वजह से लोगों में आक्रोश फैल रहा है।
रोजाना 20 लाख गैलन की जरूरत : देवेंद्र ठाकुर
सोलन नगर परिषद के अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि शनिवार को जिन क्षेत्रों में पिछले नौ दिनों से पानी की सप्लाई नहीं की गई थी। वहां पानी की सप्लाई की गई है। उन्होंने बताया कि आईपीएच ने 12 लाख गैलन पानी की सप्लाई शनिवार को हुई है।
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आईपीएच कर रहा निरंतर पानी देने का प्रयास
आईपीएच विभाग सोलन के अधिशासी अभियंता सुमित सूद ने बताया कि शनिवार को नगर परिषद को 13 से 15 लाख गैलन पानी दिया गया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को साढ़े 13 लाख गैलन पानी की सप्लाई परिषद को की गई थी। बीच में कभी दिक्कत आने से कम सप्लाई की जाती है।
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पानी की कमी से स्वच्छता पर संकट
शहर में स्वच्छता का जिम्मा उठाने वाली सुलभ इंटरनेशनल संस्था के हाथ भी खड़े हो गए हैं। संस्था ने शहर भर में मुख्य जगहों पर चल रहे करीब आधा दर्जन सार्वजनिक शौचालय को बंद करने की बात कही है। संस्था के प्रभारी अजय सिंह ने बताया कि एक सप्ताह से पानी नहीं आ रहा है। रोजाना हर शौचालय में तीन से पांच हजार लीटर पानी की जरूरत रहती है। पानी न होने की वजह से वे यात्रियों, पर्यटकों व स्थानीय लोगों को नियमित रूप से सेवाएं दे पाने में सक्षम नहीं हैं।
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