सोलन। दवा विक्रेताओं की हड़ताल के चलते शुक्रवार को सोलन में अफरा-तफरी का माहौल रहा। क्षेत्रीय अस्पताल में सुबह से शाम तक सिविल सप्लाई व जनौषधि केंद्र के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रही। बारी का इंतजार कर रहे मरीज व तीमारदार सुबह से शाम तक दवा लेने के लिए जूझते रहे। लेकिन उस समय कई मरीजों को बेहद ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। जब काफी देर तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद उन्हें चिकित्सक की लिखी दवा नहीं मिल पाई। दवा विक्रेताओं को कोसते हुए यह मरीज खाली हाथ घर लौट गए।
गौरतलब है कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंधि की मांग को लेकर दवा विक्रेताओं ने बंद बुलाया था। सोलन में सभी दवा विक्रेता इस बंद में शामिल हुए। बंद के दौरान सिर्फ क्षेत्रीय अस्पताल के भीतर चल रहा सिविल सप्लाई, जनौषधि केंद्र व सरकारी दवा वितरण केंद्र ही खुला रहा। लेकिन यहां भी सुबह से शामत तक लंबी कतारें लगी रही। लोगों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ा। अस्पताल में चिकित्सक से दवा लिखवाने के बाद मरीज उसे हासिल करने के लिए घंटों खिड़की के पास जूझते नजर आए।
सिरमौर के राजगढ़ से सोलन अस्पताल पहुंचे भरत राम, दलीप सिंह, संजय कुमार, सोलन मुकेश, सुरेंद्र, दीपक, कंडाघाट के अजय कुमार, कुम्हारहट्टी की ललिता देवी, सीमा व आरती ने बताया कि काफी देर तक लाइन में खड़ा रहने के बाद दवा मिल रही है और जो दवा नहीं मिल पाई है उसके लिए अब कल तक इंतजार करना होगा। उन्होंने बताया कि दुकानदारों के बंद की वजह से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा जिला के दूसरे क्षेत्रों खासतौर पर अर्की, कुनिहार, कंडाघाट, परवाणू व बीबीएन में भी दवाओं की दुकानें बंद रहने से लोगों को परेशानी से जूझना पड़ा है।
हड़ताल सफल, जरूरत हुई तो फिर होगा आंदोलन
दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष विरेंद्र सूद का कहना है कि एक दिवसीय हड़ताल पूरी तरह से सफल रही है। उन्होंने बताया कि बंद की वजह से करोड़ों रुपये का नुकसान दवा विक्रेताओं को झेलना पड़ा है। लेकिन इस बंद की वजह से उनकी आवाज भी सरकार तक पहुंची है। उन्होंने बताया कि भविष्य में जैसे भी निर्देश केंद्र की यूनियन से मिलेंगे वैसे कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि दवा विक्रेताओं को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
अस्पताल प्रशासन ने की पूरी कोशिश : डॉ. उप्पल
अस्पताल के कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजन उप्पल का कहना है कि अस्पताल में सिविल सप्लाई, जनौषधि केंद्र व अस्पताल में स्थापित सरकारी दुकान में मरीजों को दवाएं दी गई हैं। मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो इसका पूरा ख्याल रखा गया है। उन्होंने बताया कि मरीजों की अधिक संख्या की वजह से ज्यादा भीड़ अस्पताल में रही है।