परवाणू से चंबाघाट तक फोरलेन कार्य से प्रभावित हुए लोगों को जमीन से संबंधित दस्तावेज जमा करवाने के निर्देश
दस दिन के भीतर करना होगा मुआवजे को आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
परवाणू-शिमला नेशनल हाईवे को फोरलेन बनाने के लिए चल रहे निर्माण कार्य से प्रभावित होने वाले 31 गांवों के लोगों को मुआवजा राशि दिलाने की कवायद शुरू हो गई। परवाणू से चंबाघाट तक राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन कार्य से प्रभावित होने वाले गांवों के लोगों से मुआवजा राशि हासिल करने के लिए 10 दिन के भीतर औपचारिकताएं पूरी करने को कहा है। यह जानकारी सक्षम प्राधिकारी एवं भू अर्जन अधिकारी एवं उपमंडल अधिकारी सोलन आशुतोष गर्ग ने दी।
उन्होंने कहा कि फोरलेन कार्य के कारण बनोग, दत्यार, कोटी, नाहोन, डीव, गाही, कुहारडा, मंगोटी, सनवारा, मान्डो मटकन्डा, धर्मपुर बठोल, धार की बेह, सिहारडी चमारा, सिहारडी मुस्लमाना, दाबली, पट्टा, खील जाशंली, हि मतपुर दाबली, बधोनी, खाली, बाड़ा, रूनन घोड़ों, दघोटा, ढिल्लों, बड़ोग, शमलेच, आंजी, रबौन, सपरून, कथेड़ सोलन, बसाल पट्टी कथेड़ और थडे़ का ठाकुरद्वारा के प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा राशि दी जाएगी। आशुतोष गर्ग ने कहा कि मुआवजा राशि हासिल करने के लिए ग्रामीणों को अपने नाम का शपथ पत्र सक्षम प्राधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी सोलन के कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर दस्तावेजों सहित प्रस्तुत करना होगा।
उन्होंने कहा कि शपथ पत्र में गांव का नाम, खसरा नंबर, रकबा और किसी न्यायालय से संबंधित मुकदमा या स्थगन आदेश की लिखित जानकारी होनी चाहिए। शपथ पत्र के साथ नवीन नकल जमाबंदी, बैंक खाता (पासबुक की छायाप्रति तथा आधार नंबर/ मतदाता पहचान पत्र एवं मोबाइल नंबर) तथा पासपोर्ट साइज की फोटो साथ लानी होगी। भू-अर्जन अधिकारी ने कहा कि जिन प्रभावित व्यक्तियों ने उपरोक्त दस्तावेज उनके कार्यालय में जमा करवा दिए हैं वे भी प्रभावित भूमि के बारे में किसी न्यायालय से संबंधित मुकद्मा अथवा स्थगन आदेश की जानकारी इस कार्यालय में प्रदान करें। उन्होंने कहा कि यदि प्रभावित व्यक्ति 10 दिन के भीतर उपरोक्त दस्तावेज उनके कार्यालय में जमा नहीं करवाते हैं तो यह राशि सरकारी कोष में जमा करवा दी जाएगी। भूमि का कब्जा नियमानुसार ले लिया जाएगा।