ढेलो गांव के पास मलबे से गांव को खतरा।
- फोटो : अमर उजाला
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे को फोरलेन में बदलने के लिए चल रहे कार्य और मलबे को अवैज्ञानिक तरीके से ठिकाने लगाने के कारण बड़ोग पंचायत के ढिलो गांव पर खतरा मंडराने लगा है। कुमारहट्टी से बड़ोग बाईपास तक कंपनी ने करीब आधा दर्जन जगहों पर मलबा फेंका है। अधिकृत तौर पर कंपनी को एक ही साइट मलबा फेंकने के लिए प्रदान की थी। इस साइट में भी कंपनी सीमित दायरे में ही मलबा ठिकाने लगा सकती थी। लेकिन मलबा फेंकने से पूर्व साइट को विकसित किया जाना था। ताकि मलबा तय दायरे से बाहर न जाए। लेकिन मलबा फेंकने के लिए चिह्नित साइट को विकसित किए बगैर ही कंपनी ने काम छेड़ दिया। इस वजह से कई बड़ी चट्टानें और धूल मिट्टी नीचे बसे ढिलो गांव तक पहुंच रही हैं।
मलबे के ढेर में बड़ी-बड़ी चट्टानें अटकी पड़ी हैं जो थोड़ी सी बारिश में खिसककर गांव पर गिर सकती हैं। इसके अलावा मिट्टी बारिश के पानी में घुलकर गांव की सड़क, पेयजल बावड़ी और सिंचाई टैंकों को प्रभावित कर रही है। इतना ही नहीं मलबे की चपेट में आने से कई हरे पेड़ भी टूट गए हैं। इसकी एवज में वन विभाग ने अभी तक कंपनी के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया है। परवाणू से चंबाघाट तक करीब 40 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग का निर्माण कार्य जारी है। इससे पूर्व फोरलेन निर्माता कंपनी लोगों के घरों के रास्ते और पेयजल स्रोत बंद करने की वजह से चर्चा में आ चुकी है। अब मलबा फेंकने से एक पूरा गांव निर्माण की चपेट में आ गया है।
कंपनी के पास मलबा फेंकने को जगह नहीं
कंपनी ने मार्ग निर्माण के दौरान निकलने वाले मलबे को फेंकने के लिए सीमित दायरे में साइट चिह्नित की थी। इसमें से कुमारहट्टी से बड़ोग वाइपास तक एक ही साइट चिह्नित की गई। अब यह साइट पूरी तरह से भर चुकी है और कंपनी के पास मलबे को ठिकाने लगाने के लिए दूसरी जगह नहीं बची है। ऐसे में रोजाना टनों के हिसाब से निकल रहे मलबे को गुपचुप तरीके से फेंका जा रहा है।
अपनी जमीन पर फेंक रहे हैं मलबा : पात्रा
फोरलेन निर्माता कंपनी के प्रोजेक्ट प्रबंधक देवाशीष पात्रा ने कहा कि कंपनी अपनी जमीन पर मलबा फेंक रही है। कंपनी ने सुरंग के आसपास 24 मीटर जमीन फोरलेन के लिए हासिल की है। इसमें से करीब 15 मीटर पर मार्ग बन रहा है। मार्ग के दोनों तरफ आठ मीटर जमीन बाकी रहती है उस पर कंपनी मलबा फेंक रही है।
कंपनी को जारी करेंगे नोटिस : वन विभाग
धर्मपुर के रेंज ऑफिसर विक्रम सिंह ने बताया कि कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा। जहां-जहां मलबा फेंका गया है वहां का कुछ हिस्सा राजस्व विभाग के अधीन आता है। पेड़ वन विभाग के अधीन हैं। पेड़ों को पहुंचे नुकसान को लेकर कार्रवाई कर रहे हैं। इसके अलावा डंगे लगाए बगैर मलबा फेंकने पर भी आगामी दिनों में कार्रवाई की जाएगी। कंपनी को अपनी जमीन में पहले डंगे लगाने चाहिए थे फिर मलबा फेंकने चाहिए था।