सुबाथू (सोलन)। छावनी परिषद सुबाथू में सोमवार को पुलिस बल की मौजूदगी में परिषद के कर्मचारियों ने सरकारी भूमि पर किए अवैध कब्जों को उखाड़ फेंका। हाईकोर्ट के आदेश के बाद छावनी परिषद ने सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले करीब 30 कब्जाधारियों को दो दिसंबर तक कब्जा हटाने का फरमान जारी किया था। इसके बाद कई लोगों ने अपने घर पर स्वयं ही हथौड़ा चलाकर अवैध कब्जे हटा दिए थे। लेकिन दर्जनों कब्जाधारियों ने छावनी परिषद के आदेशों को नजरअंदाज भी किया था। इसके बाद स्वयं परिषद ने इन कब्जों को हटाया है।
जानकारी के अनुसार सोमवार को ऐसे कब्जाधारियों पर परिषद ने कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटा दिए हैं। हालांकि परिषद की इस कार्रवाई में किसी बड़े भवन पर कार्रवाई नहीं की गई है। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बने शौचालय, सीढ़ियां और मंदिर पर भी हथौड़ा चलाया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक परिषद की इस कार्रवाई के बाद छावनी के लोगों की समस्या बढ़ जाएगी। छावनी में सरकारी शौचालयों की हालत खस्ता है। ऐसे में घरों आगे से शौचालय टूटने के बाद खुले में शौच मुक्त छावनी कैसे रह पाएगी।
हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई : तनु जैन
छावनी अधिशाषी अधिकारी तनु जैन के अनुसार हाई कोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए अवैध कब्जाधारियों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा इस कार्रवाई से पहले एक परिवार में दिव्यांग युवती की समस्या को देखते हुए परिषद ने अवैध शौचालय तोड़ने से पहले उन्हें मोबाइल शौचालय दिया है। अगर छावनी परिषद की कार्रवाई के दौरान ऐसे और लोगों की समस्या भी सामने आई तो परिषद राहत देगा।
सुबाथू शहर में सुबह से मचा रहा हड़कंप
सुबाथू। सोमवार को सुबाथू पुलिस चौकी में दर्जनों पुलिस जवानों को देखकर लोगों में सुबह ही हड़कंप मच गया। पूरे बाजार में अवैध कब्जे पर छावनी की कार्रवाई की चर्चाओं से माहौल गर्माया रहा। ठीक 11.45 बजे छावनी परिषद के कर्मचारियों ने दर्जनों महिला और पुरुष पुलिस कर्मचारियों की मौजूदगी में ऊपरले बाजार से अवैध निर्माण तोड़ना शुरू किया। करीब तीन बजे तक 12 लोगों के अवैध कब्जे तोड़े गए। हालांकि कुछ लोगों ने अवैध कब्जे टूटने पर कर्मचारियों को अपने घरों की मजबूरी भी सुनाई। लेकिन कर्मचारियों के लिए भी आदेशों का पालन करना जरूरी था।
बुजुर्ग महिला बोली, जूस तो पीकर आओ
सुबा (सोलन)। सुबाथू में अवैध कब्जों को हटाने की जली मुहिम के दौरान कुछ लोग रो भी पड़े। लोगों का कहना था कि उन्होंने काफी मेहनत से अपने घर बनाए हैं। लेकिन छावनी कर्मचारियों ने एक ही झटके में इन्हें तोड़ दिया। लेकिन कोर्ट के आदेशों की बात कहकर कर्मचारियों ने कब्जों को उखाड़ दिया। लोअर बाजार में एक बुजुर्ग महिला ने अपना स्नान घर टूटने के बाद रोते हुए कर्मचारियों को कहा की जो तोड़ना था तोड़ दिया, अब जूस तो पीकर जाओ।