नगर परिषद बद्दी के तहत 800 कारोबारियों (तहबाजारियों) को 11000 रुपये की लाइसेंस फीस का एकमुश्त भुगतान करना होगा।
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नगर परिषद बद्दी के तहत 800 कारोबारियों (तहबाजारियों) को 11000 रुपये की लाइसेंस फीस का एकमुश्त भुगतान करना होगा। नप की तरफ से जारी इस फरमान के बाद कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। फरमानों में कहा गया है कि 11 हजार जमा करवाने के बाद ही तहबाजारियों का लाइसेंस रिन्यू होगा। अगर नगर परिषद की यह कवायद रंग लाई तो नप बद्दी 88 लाख रुपये का राजस्व वसूलेगा। नोटिस जारी होने की पुष्टि ईओ अजमेर सिंह ने की है।
नगर परिषद पहले तहबाजारियों से रोजाना 30 रुपये वसूला था। यह फीस रोज नप के कर्मी वसूलते थे। बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष से रोजाना फीस एकत्र नहीं की है। अब अचानक से एकमुश्त लाइसेंस फीस के फरमान जारी करने से नगर परिषद की कार्यप्रणाली भी कठघरे में है। सवाल उठ रहा है कि नगर परिषद की ओर से पिछले साल तहबाजारियों से फीस क्यों नहीं ली गई। इस कारण नप को 88 लाख रुपये की आर्थिक चपत लगी है। पिछले वर्ष नगर परिषद के चुनाव भी थे।
अब चर्चा है कि तहबाजारियों के वोट बैंक को खुश करने के लिए एक साल तक फीस को नहीं लिया गया। नप अधिकारियों के मुताबिक तहबाजारियों के नोटिस के 15 दिन के भीतर फीस जमा न करवाने पर लाइसेंस को रिन्यू नहीं किया जाएगा। कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि समय पर फीस जमा करवाने वालों को ही नए लाइसेंस जारी करते हुए शहर में तहबाजारी करने दी जाएगी। अन्य को सड़क-रास्तों और सार्वजनिक स्थानों पर किसी तरह का कारोबार नहीं करने दिया जाएगा। उल्लंघन करने वालों पर नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।