अल्ट्रासांउड की सीमा निर्धारित होने से मरीज परेशान
रेडियोलॉजिस्ट की कमी से आफत, क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना हो रहे सिर्फ 20 से 25 अल्ट्रासाउंड
अस्पताल पहुंच रहे मरीज निजी क्लिनिकों में लुटने को मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में अल्ट्रासाउंड करवाने की सीमा निर्धारित होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकतर परेशानी गर्भवती महिलाओं को पेश आ रही है। अस्पताल प्रशासन के अल्ट्रासाउंड की सीमा निर्धारित करने के बाद मजबूरन मरीजों को निजी क्लीनिकों में ऊंचे दाम पर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। ऐसा सिलसिला पिछले काफी समय से चल रहा है जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं अस्पताल प्रशासन की माने तो स्टाफ की कमी के चलते यह समस्या आ रही है। इस कारण लंच से पहले अल्ट्रासाउंड और लंच टाइम के बाद सीटी स्कैन व अन्य कार्य किए जाते हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में सोलन जिला ही नहीं बल्कि शिमला व सिरमौर जिला की कई पंचायतों के लोग अपना इलाज करवाने के लिए आते हैं। साथ ही अस्पताल में बुजुर्गों के लिए भी कोई पर्याप्त साधन नहीं है।
जानकारी के अनुसार अस्पताल प्रशासन ने मशीन की क्षमता को देखते हुए अल्ट्रासाउंड की सीमा निर्धारित की हुई है। इसके चलते अस्पताल में रोजाना 20 से 25 अल्ट्रासाउंड हो पा रहे हैं। इससे आने वाले मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार मरीजों को डॉक्टर के सुझाए अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए कहा जाता है। अस्पताल प्रशासन के समय निर्धारित करने से मरीजों को निजी क्लीनिकों में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए जाना पड़ रहा है।
निजी क्लीनिक कूट रहे हैं चांदी
सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सीमा निर्धारित होने का फायदा निजी क्लिनिक उठा रहे हैं। मजबूरन मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए निजी क्लिनिकों का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीज की मानसिक ही नहीं बल्कि आर्थिक स्थिति पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
रेडियोलाजिस्ट की है कमी
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण अस्पताल में यह समस्या आ रही है। उन्होंने बताया कि मरीजों को समय पर रिपोर्ट मिल सके, इसके लिए सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि दोपहर से पहले अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। उसके बाद सीटी स्कैन और अन्य कार्य किए जाते हैं।