सिंचाई के लिए नहीं होगी पानी की कमी, आठ ट्यूबवेल लगाए
नालागढ़ में 75 में से 22 का काम पूरा , 20 ट्यूबवेल की मुख्य कार्यालय से मांगी मंजूरी
23 ट्यूबवेलों का बाद में होगा कार्य, खेतों में लहलहाएंगी फसलें
संतोष कुमार
नालागढ़ (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के किसानों को खेती के लिए भरपूर पानी मिलेगा। इसके लिए यहां लग रहे 75 ट्यूबवेलों में से आठ की स्थापना कर ली गई है। 14 का कार्य पूर्ण है और फसल कटाई के बाद यह जनता को समर्पित होंगे। आईपीएच नालागढ़ मंडल ने 20 ट्यूबवेलों के लिए मुख्य कार्यालय से मंजूरी मांगी है। शेष 23 ट्यूबवेलों की स्थापना की प्रक्रिया उसके बाद शुरू होगी। फिलहाल नालागढ़ लग रहे इन 75 ट्यूबवेलों से किसानों के खेतों में फसल खूब लहलहाएंगी और सिंचाई के लिए पानी की कोई कमी नहीं रहेगा। आईपीएच विभाग के स्थापित किए जा रहे इन ट्यूबवेलों से खासतौर पर रेनफेड एरिया वाले किसानों को इसका अधिक लाभ मिलेगा। इन ट्यूबवेलों से बीबीएन क्षेत्र के किसानों की सिंचाई की पेश आ रही दिक्कत हल होगी। क्षेत्र में स्थापित हो रहे 75 ट्यूबवेल जमीनों को खूब पानी देंगे। रेनफेड एरिया की जमीनों के लिए यह ट्यूबवेल वरदान साबित होंगे जिससे किसानों की फसलों की पैदावार बढ़ेगी।
औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के तहत यह क्षेत्र पहाड़ी व मैदानी क्षेत्र में बंटा हुआ है। सिंचाई सुविधा वाली जमीन 4861 हेक्टेयर है जबकि 6270 हेक्टेयर भूमि बिजाई कार्य के लिए बारिश पर निर्भर करती है। सिंचाई सुविधा वाली 4861 हेक्टेयर भूमि के अंतर्गत मंझौली, राजपुरा, ढांग, जगातखाना, निहली ढांग, ढाणा, सनेड़, भाटियां, दभोटा, नवांग्राम, पंजैहरा, जोघों, जगतपुर, बैरछा, बघेरी, खिल्लियां, घोलोंवाल, करसौली, गुल्लरवाला, बरूणा गांव आते हैं। रेनफेड एरिया में मित्तियां, मैथल, रतवाड़ी, बारियां, रामशहर, थयोड़ा कई गांव आते हैं जो वर्षा पर निर्भर रहते हैं। उपमंडल के कई ऐसे गांव है, जो वर्षा पर निर्भर करते हैं और अन्य कोई स्त्रोत न होने के कारण किसानों को फसलों में नुकसान झेलना पड़ता है। किसानों को लाभ पहुंचाने और किसानों के खेतों में अच्छी पैदावार बढ़ाने के चलते आईपीएच नालागढ़ मंडल ने नाबार्ड के माध्यम से 75 ट्यूबवेल स्थापित किए जा रहे हैं।
एक्सईएन आईपीएच नालागढ़ मंडल आरके खाबला ने कहा कि नाबार्ड से स्वीकृत 75 ट्यूबवेलों के बोर ड्रिल होने के बाद आठ ट्यूबवेल स्थापित हो चुके हैं और 14 ट्यूबवेल तैयार हैं। लेकिन फसलों की वजह से इनका कार्य नहीं हो पा रहा है। इसे फसल कटाई होते ही चालू कर दिया जाएगा। 20 ट्यूबवेलों की स्वीकृति मांगी है जबकि 23 ट्यूबवेलों का प्रोसेस उसके बाद शुरू होगा।