चायल (सोलन)। पंचायत कार्यालय चायल में लगे खुले दरबार में टीसीपी एक्ट का जमकर विरोध हुआ। लोगों ने दो टूक कहा कि उन्हें टीसीपी एक्ट के तहत शामिल होना मंजूर नहीं है। लोगों ने तर्क दिया कि इस एक्ट के लागू होने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीएम कंडाघाट संजीव धीमान ने की। चायल क्षेत्र की सात पंचायतों के गांवों को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के तहत शामिल किया जा रहा है। लेकिन लोगों को यह मंजूर नहीं है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मांग की कि भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर इन क्षेत्रों को टीसीपी से बाहर किया जाए।
खुले दरबार में लोगों ने चायल बाजार में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा भी उठाया। वन अधिकारी अधिनियम 2006 के तहत सार्वजनिक विकास कार्य के लिए भूमि स्वीकृत न होने पर लोगों ने रोष जताया तथा प्रशासन से राहत की मांग की। सड़कों पर दुकानों के बाहर सामना लगाने और अनाधिकृत पार्किंग के चलते आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इस पर प्रशासन ने चेतावनी देते हुए कहा कि दुकानदार सड़कों पर सामान न फैलाएं न ही वाहन सड़क किनारे खड़े करें। उल्लंघन करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा। खुले दरबार में ही एसडीएम ने ऐसे लोगों को चालान काटने को कहा। चायल में घर-घर से कूड़ा इकट्ठा करके निष्पादन किया जाएगा। खुले दरबार में मामला उठाया कि पंचायत की दुकानों के किराया बढ़ाया जाए। पंचायत सचिव को चार अप्रैल की ग्राम सभा में इसे पारित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त बिजली पानी सड़क से संबंधित समस्याओें को खुले दरबार में रखी र्गइं। खुले दरबार में कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया गया तथा कुछ एक संबंधित विभागों को सौंपे गए। इस मौके पर एसडीएम संजीव धीमान, तहसीलदार संजीत शर्मा, एसडीओ आईपीएच उर्मिल चंदेल, आरओ चायल तेज प्रकाश, पंचायत निरीक्षक प्रेमलाल, खाद्य निरीक्षक गिरिश कुमार, ब्लॉक अधिकारी आरक्षित वन आरएल चौहान, पंचायत प्रधान चायल महेश कनौजिया, बीडीसी सदस्य अजय कुमार समेत अन्य लोगों ने हिस्सा लिया।