कंडाघाट (सोलन)। उपमंडल कंडाघाट में गेहूं बीज की खेप पहुंच गई लेकिन बांटने वाला कोई नहीं है। लंबे अरसे से बंद पड़े कृषि विभाग के छह प्रसार कार्यालयों में अभी भी ताले लटके पड़े हैं। सरकारों ने यहां स्टाफ तैनात नहीं किया और विभाग अभी तक बंदोबस्त नहीं कर पाया है। इन दोनों की ढील से हजारों किसान परेशानी झेलने को मजबूर हैं।
पहली खेप में करीब 180 क्विंटल गेहूं पूरे उपमंडल में वितरित होने के लिए आई है। लेकिन वितरण में विभाग को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है और कई प्रसार कार्यालय बंद पड़े हैं। इसकी वजह से किसानों को विभाग से गेहूं लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। उपमंडल में कृषि विभाग के छह कार्यालय स्टाफ की कमी के चलते बंद पड़े हैं। किसान कई बार दफ्तर खुलवाने की मांग कर चुके हैं लेकिन कुछ नहीं हुआ। विभाग के पास कृषि प्रसार अधिकारी नहीं हैं। इस कारण यह दफ्तर बंद पड़े हैं। इस वक्त सिर्फ वाकना को छोड़कर अन्य छह प्रसार कार्यालय बंद हैं। इसके चलते कर्मचारियों और किसानों दोनों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सूत्रों के मुताबिक 180 क्विंटल गेहूं आई है। इसमें से 90 क्विंटल कंडाघाट और इतनी गेहूं सायरी के किसानों में बांटी जाएगी। लेकिन स्टाफ की कमी के चलते इसे वितरित करने में विभाग को भारी मुश्किलें झेलनी पड़ रही है। दूसरी तरफ कृषकों को भी गेहूं और अन्य सामान लेने के लिए कंडाघाट या फिर सायरी आना पड़ेगा। अब फसलों का सीजन भी शुरू हो चुका है और कृषकों के खेतों की मिट्टी का परीक्षण किया जाना है। लेकिन बंद पड़े प्रसार कार्यालयों के चलते किसानों को यह सुविधाएं मिलती नजर नहीं आ रही।
कंडाघाट और सायरी में होगा वितरण : गौतम
एसएमएस कंडाघाट अरविंद गौतम ने बताया कि गेहूं का पहला लॉट पहुंच चुका है। इसमें 180 क्विंटल गेहूं आई है अभी और लॉट आएगा। बताया कि रिक्त पदों के चलते प्रसार कार्यालय बंद पड़े हैं। इसके चलते कंडाघाट और सायरी से किसानों को गेहूं और अन्य संबंधित सुविधाएं दी जाएंगी।