राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सस्ते राशन के हकदार अब 60 फीसदी से अधिक दिव्यांग भी होंगे। ऐसे परिवार जिनका मुखिया घातक रोग से पीड़ित है तथा ऐसे परिवार जिसके मुखिया की आयु 60 वर्ष से अधिक है और उसके पास निर्वाह का कोई साधन या सामाजिक सहायता नहीं है को भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पंजीकृत किया जाएगा।
सरकार ने ऐसे ग्रामीण परिवारों को जिनके पास 5 हेक्टेयर से ज्यादा असिंचित तथा 2 हेक्टेयर से ज्यादा सिंचित भूमि नहीं है को भी इस योजना के तहत पंजीकृत करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे परिवार जिनकी मासिक आय 12 हजार से कम है को भी अधिनियम के तहत पंजीकृत किया जा रहा है। यह खुलासा अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी संदीप नेगी ने जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों, पंचायत सचिवों तथा तकनीकी अधिकारियों की बैठक के दौरान किया। उन्होंने पात्र परिवारों का 30 अप्रैल 2017 तक पंजीकरण करना सुनिश्चित बनाने के आदेश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि अंतोदय अन्न योजना के लाभार्थी, बीपीएल लाभार्थी, बीपीएल दरों पर खाद्यान्न प्राप्त करने वाले लाभार्थी, अन्नपूर्णा अन्न योजना लाभार्थी, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक मामले निदेशालय से किसी भी प्रकार की पेंशन प्राप्त करने वाले लाभार्थी तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली परमिट व्यवस्था के तहत खाद्यान्न प्राप्त कर रहे तिब्बती लाभार्थी स्वत: ही इस अधिनियम के पात्र लाभार्थियों में शामिल हैं।
यह भी होंगे शामिल
भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे कामगारों तथा मनरेगा के तहत 50 श्रम दिवस पूरे करने वाले श्रमिकों, किसी प्रकार की दिव्यांगता, कुष्ठ, एचआईवी ग्रसित तथा कैंसर रोगियों के परिवारों का भी खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में लाया गया है। उन्होंने कहा कि युद्ध में शहीदों की विधवाओं तथा स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के साथ-साथ वृद्धाश्रम, बाल आश्रम, नारी निकेतन, अनाथ आश्रमों, तिब्बतियन बच्चों के लिए स्कूली पाठशालाओं के छात्रों को भी इस अधिनियम के तहत लाया गया है।