पंचायतीराज चुनाव के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना, ग्रामीण रूटों पर झेलनी पड़ेगी बसों की किल्लत
जिले में तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को होने है पंचायतीराज चुनाव
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में पंचायतीराज चुनावों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। चुनावों को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न करवाने के लिए हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की 50 बसों को बुक किया गया है। ये सभी बसें रविवार को पोलिंग पार्टियों और चुनावी सामग्री के साथ अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों के लिए रवाना कर दी है।
इतनी बड़ी संख्या में बसों के चुनावी ड्यूटी में तैनात होने से सोलन और सिरमौर जिलों में परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। प्रशासनिक कार्यक्रम के अनुसार, प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। इसके तहत 26, 28 और 30 मई को मतदान होना तय हुआ है। प्रत्येक चरण में पोलिंग पार्टियों को सुरक्षित मतदान केंद्रों तक पहुंचाने और वापस लाने की जिम्मेदारी इन बसों पर रहेगी। यही कारण है कि चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक ये बसें रूटों पर वापस नहीं लौट पाएंगी। निगम की 50 महत्वपूर्ण बसें चुनाव ड्यूटी में व्यस्त रहने के कारण स्थानीय और ग्रामीण रूटों पर बसों का भारी टोटा होने वाला है। यात्रियों को आगामी एक सप्ताह तक इस परिवहन संकट के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के नौकरीपेशा लोगों, दूध-सब्जी विक्रेताओं और रोजमर्रा का सफर करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी। हालांकि विभाग वैकल्पिक रूट प्लान तैयार करने की बात कह रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर जनता को परेशानी होना तय है।
कोट
जिला सिरमौर और सोलन के लिए निगम की 50 बसें बुक की गई है। इसमें ज्यादा दूरी वाली बसें चुनाव पूर्ण होने के बाद ही वापस पहुंचेगी, जबकि स्थानीय क्षेत्रों में गई बसें अपने रूट पर वापस आ जाएगी।
सुरेंद्र राजपूत,आरएम, सोलन