सोलन। उपायुक्त कृतिका कुलहरी ने अनुसूचित जाति, जन जाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति एवं राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के अंतर्गत गठित स्थानीय स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की अध्यक्षता की।
अनुसूचित जाति, जन जाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत विभिन्न मामलों की समीक्षा की। उन्होंने जिला कल्याण अधिकारी व विधि विभाग को निर्देश दिए कि वे आगामी बैठक में सभी मामलों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बैठक में जिला कल्याण अधिकारी गिरधारी लाल शर्मा ने बताया कि वर्तमान में जिले के विभिन्न न्यायालयों में कुल 45 मामले विचाराधीन हैं जबकि तीन मामलों में निर्णय हो चुका है। चार मामलों में अधिनियम की धारा डिलीट होने के कारण मामले बंद हो चुके हैं। राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के अंतर्गत गठित स्थानीय स्तरीय समिति की बैठक में उपायुक्त ने कानूनी संरक्षण के लिए प्राप्त मामलों में अनुमोदन प्रदान किया।
बैठक में गणपति एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. रोशन लाल शर्मा तथा डाइट सोलन प्रधानाचार्य चंद्रमोहन शर्मा ने बताया कि अभी तक बहुत से बच्चों के चिकित्सा प्रमाण-पत्र नहीं बने हैं।
उपायुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन को निर्देश दिए कि वे कल्याण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर खंड स्तर पर चिकित्सा शिविरों के आयोजन बारे में एक विस्तृत योजना प्रस्तुत करें ताकि वंचित लोगों को चिकित्सा प्रमाण-पत्र शीघ्र जारी किए जा सकें।
उन्होंने कहा कि यूडीआईडी पोर्टल पर लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा करें और जिन मामलों में औपचारिकताएं पूरी नहीं हैं, उन्हें भी तुरंत औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सूचित करें।
बैठक में जिला राजस्व अधिकारी केशवराम कोली, पुलिस उप अधीक्षक संतोष शर्मा, पुलिस उप अधीक्षक, बद्दी नवदीप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल, उप जिला न्यायवादी चंपा सुरील, डॉ. रोशन लाल शर्मा, सुभाष अत्री और अन्य गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित थे।