कौशल्या नदी में मिल रहा औद्योगिक कचरा, प्रदूषित पानी पीने को मजबूर लोग
परवाणू के सेक्टर-3, 6 के नाले में उद्योग का वेस्ट फेंकने के बाद लगाई जा रही आग, धुएं से लोग परेशान
स्थानीय प्रशासन नहीं कर रहा कोई कार्रवाई, सांस लेने में हो रही परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
परवाणू (सोलन)। परवाणू के सेक्टर तीन और छह के बीचोंबीच ओल्ड नेशनल हाईवे स्थित नाले में औद्योगिक कचरा फेंकने का सिलसिला जारी है। इसके बाद इस कचरे में आग लगाई जा रही है। वीरवार को भी ऐसा मामला सामने आया जिसमें सेक्टर-3 के नाले में एक उद्योग की ओर से उद्योग का वेस्ट फेंक कर उसमें आग लगा दी गई। इससे पूरे क्षेत्र में धुआं ही धुआं फैल गया। इससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय लोगों की मानें तो उद्योग के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने से वे बार-बार चोरी-छिपे नाले में उद्योग का वेस्ट फेंककर उसमें आग लगाकर चले जाते हैं। इसका खामियाजा स्थानीय लोगों को झेलना पड़ रहा है।
पेयजल योजना भी हो रही प्रभावित
ओल्ड नेशनल हाईवे और परवाण-पिंजौर बाईपास के बीच में पड़ने वाला नाला उद्योग के वेस्ट से प्रदूषित होता जा रहा है। बरसात के दिनों में इस नाले से बहने बाले पानी से कौशल्या नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। इससे पूरे परवाणू को पेयजल की सप्लाई होती है। इस नाले में कभी चूल्हा निर्माण से निकलने वाला कूड़ा तो कभी मेडिकल वेस्ट गिराया जा रहा है। पर्यावरण प्रदूषण के मामले में एनजीटी सख्त है, इसके बावजूद उद्योगों के खुले में अपना वेस्ट फेंकने की हिम्मत हो रही है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना वाजिब है। इस नाले में वेस्ट फेंकने के पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं, फिर भी यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा और नाला प्रदूषित होता जा रहा है।
जल्द उठाए जाएंगे उचित कदम
नगर परिषद परवाणू के कार्यकारी अधिकारी सुधीर शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों प्रदूषण बोर्ड की एक वर्कशॉप में इस बारे में विचार-विमर्श हुआ। मुख्य मार्ग और नाले के बीच गहरी खाई खोद दी है जिससे वाहन नाले तक न पहुंच सके। जल्द ही और उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि इस नाले में किसी को वेस्ट फेंकते देखें तो अधिकारियों को तुरंत सूचित करें।