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मौसम ने बदली करवट, दिन भर हुई हल्की बारिश से तापमान में आई गिरावट

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मौसम ने बदली करवट, दिन भर हुई हल्की बारिश
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तापमान में गिरावट
फोटो सहित
रबी के लिए संजीवनी साबित होगी बारिश
बागवान भी अब रोप सकेंगे फलों के पौधे
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
जिला भर में मंगलवार दोपहर बाद शुरू हुई बारिश से जहां शुष्क ठंड से लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं सूखे की मार झेल रहे किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। आलम यह है कि यह इस वर्ष की पहली बारिश है। बारिश न होने के कारण जहां किसानों की फसलें तबाह हो रही थी वहीं पड़ रही शुष्क ठंड से लोग वायरल की चपेट में आ रहे थे।
किसानों की माने तो बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। वहीं अब बागवान भी प्लम, खुमानी, सेब, आडू सहित अन्य पौधों की रोपाई का कार्य भी कर सकते हैं। जोकि बारिश न होने के कारण रुका पड़ा हुआ था। बता दें बारिश के चलते जिला सोलन में ठंड भी बढ़ गई है। वहीं अगर मौसम ऐसा ही बना रहा तो, कसौली, चायल, करोल का टिब्बा में बर्फबारी होने के भी आसार हैं। कुनिहार, सुबाथू, कंडाघाट, धर्मपुर, परवाणू, अर्की में बारिश से ठंड बढ़ गई है। लोग अपने घरों में हीटर और चूल्हों के पास दुबक कर बैठे हैं। करीब डेढ़ माह से बारिश न होने के कारण किसान सूखे की मार झेल रहे थे। इसके चलते किसानों की 40 फीसदी फसल भी खराब हो चुकी थी। लेकिन अब बारिश से किसानों को राहत मिली है। बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आई है। मंगलवार को सोलन में तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से कम रहा। जिसकी वजह से लोग घरों और दुकानों के दुबके रहे। जगह-जगह आग के सहारे लोगों की दिनचर्या गुजरी।
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पांच दिन तक बदलता रहेगा मौसम
डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मोहन सिंह जॉगडा और डॉ. सतीश भारद्वाज ने बताया कि पांच दिनों तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। दिन व रात के तापमान में हल्की कमी होगी। हवा पूर्वी-उतर-पूर्वी दिशा से 2 से 9 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने तथा औसतन सापेक्षित आर्द्रता 20-87 प्रतिशत तक रहने की संभावना है।
बादाम और खुमानी में बोरोन की कमी से आ सकती हैं दरारें
वैज्ञानिकों के अनुसार हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे सब्जियों वाली फसलों में सिंचाई को एक-दो दिन के लिए रोक लें। जरुरी हो तो मौसम का रुख देखकर ही लगाएं। शीतोष्ण फलों में सिंचाई लगाते रहें। उनमें गोबर व उचित मात्रा में रासायानिक खाद डाल दें। बादाम और खुमानी फलों में बोरोन तत्व की कमी के कारण दरार आ सकती है। इस कमी को दूर करने के लिए बोरिक एसिड का एक ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर गुलाबी कली आस्था में छिड़काव करें। मैंगोमालफोर्मेषन की रोकथाम के लिए 120 ग्राम पोटाशियम मेटाबाईसल्फाइड या नैप्थलिन ऐसिड 40 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
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प्याज की पनीरी रोपें
नौणी विवि के वैज्ञानिकों के अनुसार जिन किसानों ने अभी तक प्याज की पनीरी को खेतों में रोपित नहीं की है वे इस काम को जल्दी खत्म कर लें। निचले क्षेत्रों में जहां प्याज की तैयार पनीरी रोपित न की गई हो वहां 15-10 सेंटीमीटर फासले पर रोपित करें। मूली तथा शलगम की बीज वाली फसल में नत्रजन 10 किग्रा प्रति बीघा डालें। नींबू प्रजातीय फलों से रस, स्क्वैश, कार्डियल, मार्मलेड इत्यादि बनाकर परिरक्षित किए जा सकते हैं। अमरूद तथा टमाटर के पदार्थ, आंवले का मुरब्बा तथा कैण्डी, सब्जियों को सुखाकर, इनसे अचार, गाजर का मुरब्बा तथा जैम, पपीते के विभिन्न पदार्थ, गलगल और माल्टा के छिलके से कबजड़ी बनाई जा सकती है।
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