चयनित स्थानों मरम्मत कार्य से पहले होगा निरीक्षण
भूकंपरोधी भवनों के मूल्यांकन विषय पर हुई कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में विभिन्न विभागों के करीब 25 पुराने भवनों को रेट्रोफिटिंग तकनीक से दुरुस्त करवाया जाएगा। यह कार्य करवाने से पहले चयनित स्थानों का पहले निरीक्षण होगा। उसके बाद इस तकनीक के माध्यम से भवनों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इससे प्राकृतिक आपदा के दौरान नुकसान भी शून्य के बराबर हो जाएगा। शुक्रवार को भूकंपरोधी भवनों के मूल्यांकन विषय पर कार्यशाला हुई।अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव ने की।
कार्यशाला में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सोलन और पंजाब इंजीनियरिंग महाविद्यालय चंडीगढ़ की ओर से कई विषयों पर मंथन किया गया। वहीं रेट्रोफिटिंग तकनीक से सुरक्षित निर्माण पद्धतियां और भूकंपरोधी भवनों का मूल्यांकन विषय पर भी चर्चा की। पंजाब इंजीनियरिंग महाविद्यालय चंडीगढ़ की प्रो. सरिता सिंगला और डॉ. अर्शदीप सिंह ने रेट्रोफिटिंग विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यशाला में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सोलन से प्रदीप, राकेश, पंजाब इंजीनियरिंग महाविद्यालय चंडीगढ़ से कनव देवगन और विभिन्न विभागों के तकनीकी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।