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कंडाघाट-चायल-कुफरी मार्ग पर विवाद

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चायल (सोलन)। नेशनल हाईवे कंडाघाट-चायल-कुफरी के प्रस्तावित निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़े होने शुरू हो गए हैं। लोगों ने हाईवे के निर्माण कार्य के लिए अनुबंधित कंपनी के जवाबों को असंतोषजनक करार दिया है। मंगलवार को हाईवे को लेकर चायल पंचायत घर में बैठक बुलाई थी। कंपनी के नुमाइंदों की तरफ से असंतोषजनक जवाब मिलने से कुछ देर के लिए बैठक में माहौल तनावपूर्ण हो गया। पंचायत प्रधान ने बैठक की सूचना न देने का आरोप लगाया। इस पर कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि उनका काम सूचना देना नहीं है। इसे लेकर भी गहमागहमी हुई। इसके साथ ही प्रभावितों के लिए निर्माण कार्य से पहले बसाने की योजना न बताने पर भी लोगों ने नाराजगी जताई।
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प्रभावित पंचायत के प्रधानों ने बैठक की कोई सूचना न होने की बात कही। उन्होंने कहा कि एनएच के लिए महत्वपूर्ण बैठकों पर पंचायतों के प्रधानों को सूचना तक नहीं दी जाती। यदि सार्वजनिक भूमि अधिग्रहण करनी है तो बैठक की सूचना देना जरूरी है। कंपनी सलाहकार मिलिंद कुमार ने बताया कि उनका काम सूचना देने का नहीं है। पंचायत प्रधान सकोड़ी सुरेंद्र और बांजनी पीएस कश्यप ने बताया कि बैठक के लिए उन्हें कोई पत्र नहीं मिले हैं। बैठक में चायल पंचायत के प्रधान महेश कनौजिया, उपप्रधान अनिल वर्मा, पूर्व प्रधान चायल देविंद्र वर्मा सहित 50 प्रतिभागी मौजूद रहे।

हाईवे पर दो सुरंगों का होगा निर्माण
प्रस्तावित कंडाघाट-चायल-कुफरी नेशनल हाईवे की सर्वे रिपोर्ट भी बैठक में रखी गई। यह हाईवे 57 किलोमीटर लंबा होगा। सर्वे के मुताबिक इसमें सरकारी, कृषि और आरक्षित वन क्षेत्र भूमि हाईवे की जद में आएगी। कोटी में 150 मीटर और कुफरी में 610 मीटर लंबी सुरंग तथा जनेड़घाट में पुल बनेगा। सड़क की चौड़ाई 10 मीटर होगी। यह जानकारी वैवकोस कंपनी के तकनीकी सलाहकार मिलिंद कुमार, इंजीनियर अभिषेक और अतुल तथा अधिशासी अभियंता एनएच अरविंद शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि इसमें अनुमानित 108 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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140 घर चढ़ेंगे नेशनल हाईवे की भेंट
लोगों ने बताया कि कंपनी की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं दिए गए। नेशनल हाईवे बनने से 140 भवनों पर हथौड़ा चलना तय है। इससे हजारों लोग बेघर हो जाएंगे। यही नहीं कई लोगों का कारोबार भी उजड़ जाएगा। प्रभावितों को पहले बसाने को लेकर कोई कदम उठाया जाना चाहिए।
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