फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोलन के जंगलों में चिट्टे का नशा, पंजाब से हो रही सप्लाई

विज्ञापन
विज्ञापन
सोलन। पंजाब से चिट्टे के नशे की खुमारी हिमाचल की हदों को पार कर आई है। नशे के सौदागरों ने धीरे-धीरे युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। चिट्टे को अब तक का सबसे महंगा नशा माना जाता है। इसकी एक तोले की डोज 40 हजार रुपये की है।
विज्ञापन

सोलन शहर के आसपास इस नशे का जमकर इस्तेमाल हो रहा है। सोलन के जंगलों में हेरोइन (चिट्टे) का नशा हो रहा है। जंगलों में बने एकांत ठिकानों पर युवा नशे की लत को पूरा कर रहे हैं। बाईपास मार्ग पर बसाल से आंजी और समलेच तक नशे के सौदागर गाड़ियों में ग्राहक ढूंढते हैं और फिर उन्हें चिट्टे की सप्लाई दी जाती है। आंजी में बन रही फोरलेन की टनल के आसपास का इलाका नशा माफिया का गढ़ बन चुका है। यहां जंगल में सरेआम चिट्टे का नशा होता है। अमर उजाला के हाथ कुछ अहम सुबूत लगे हैं जिसमें दस से सौ तक के जले हुए नोट, फॉयल पेपर और चिट्टे के खाली पाउच आंजी के पास जंगलों से बरामद हुए हैं।
चिट्टे के आदि का नशा करने वाले इसे फॉयल पेपर में जलाकर नोट के माध्यम से इसका सेवन करते हैं। सोलन में दो हफ्तों में चिट्टे सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। चिट्टे की ओवरडोज से सोलन में दो युवाओं की मौत भी हो चुकी है। पंजाब और हरियाणा से सटे होने की वजह से सोलन में नशे के कारोबार का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। यहां बड़ी संख्या में युवा नशे खासतौर पर हेरोइन (चिट्टे) के आदि हो चुके हैं। नशे की खेप चंडीगढ़ से सोलन पहुंच रही है और यहां शहर के बाहर बने गुप्त ठिकानों में इसे युवाओं को सप्लाई किया जा रहा है।
विज्ञापन


पुलिस को दें सूचना : एसपी
एसपी मधुसूदन शर्मा ने कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। गुप्तचर विभाग को सक्रिय किया है। दो हफ्तों में दो मामले पकड़े जा चुके हैं। कहा कि परिजनों को भी ऐसे मामलों में आगे आना चाहिए। एसपी के अनुसार नशा तस्करी की सूचना देने वाले का पुलिस नाम गुप्त रखती है। पुलिस उसकी सूचना के आधार पर कार्रवाई करती है और आरोपी को गिरफ्तार किया जाता है।

सोने से भी महंगा नशा
सोलन शहर में चिट्टे की कीमत करीब 40 हजार रुपये तोला है। यहां युवक तस्करों से इसे चार हजार रुपये प्रति ग्राम में खरीद रहे हैं। एक ग्राम चिट्टे से तीन से चार डोज बनाई जाती है। चिट्टे के आदि हो चुके युवा नशे के लिए किसी भी हद को पार कर जाने के लिए तैयार रहते हैं। इसमें अभिभावकों पर दबाव से नशे के लिए पैसों की चोरी तक के मामले शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें