परवाणू (सोलन)। जिला स्वास्थ्य विभाग ने हिमुडा और आइपीएच विभाग को निर्देश जारी किए हैं। कहा है कि पेयजल योजना के टैंकों की साफ-सफाई कर क्लोरीनेशन के बाद ही पानी की सप्लाई की जाए। यह निर्देश परवाणू में डेंगू, मलेरिया सहित अन्य जलजनित रोगों की रोकथाम को लेकर आयोजित बैठक में दिए गए। बैठक की अध्यक्षता सहायक आयुक्त परवाणू डॉ. विक्रम सिंह नेगी ने की। जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला स्वास्थ्य अधिकारी एनके गुप्ता, ईएसआई अस्पताल के कार्यकारी अधिकारी डॉ. विनोद कपिल, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. अल्पना, डॉ. कविता, परवाणू नगर परिषद के अध्यक्ष ठाकुर दास शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। जिला स्वास्थ्य अधिकारी एनके गुप्ता ने बताया कि डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अभी तक डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है। लेकिन, इस बार बदलते मौसम को देखकर डेंगू का जल्दी प्रकोप बढ़ सकता है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लोगों को डेंगू को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
पिछले वर्ष डेंगू के जिला भर में 1695 मामले सामने आए थे। अकेले परवाणू क्षेत्र में सबसे अधिक 1098 मामले सामने आए थे। 403 ऐसे मामले थे, जो अन्य राज्य के लोगों द्वारा हिमाचल में टेस्ट करवाने पर पाए गए थे। वहीं, बद्दी में डेंगू के 409, नालगढ़ में 102, सोलन में 73 और सुबाथू क्षेत्र में डेंगू के 13 मामले सामने आए थे।