बद्दी (सोलन)। दिवाली से पहले एक झटका देने के बाद अब भाजपा ने बद्दी शहर में बड़े पद यानी अध्यक्ष पद पर भगवा लहराने का ताना बाना रच दिया है। उपाध्यक्ष पद गंवाकर काली दिवाली मनाने वाली कांग्रेस के लिए अब विश्वकर्मा जयंती पर शस्त्रों की पूजा करने का दिन भी भारी पड़ा है।
अब पांच पार्षदों ने खफा होकर नप अध्यक्ष मदन लाल का सियासी किला हिला दिया है। नगर परिषद बद्दी में उपाध्यक्ष पद पर काबिज होने के बाद अब भाजपा के निशाने पर अध्यक्ष आ गया है। भाजपा के पांच पार्षदों ने वीरवार को डीसी सोलन के समक्ष उपस्थित होकर वर्तमान अध्यक्ष एवं पूर्व कांग्रेस विधायक रामकुमार के भाई मदन लाल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा है।
गौरतलब है कि जल बोर्ड उपाध्यक्ष बनने के बाद जोड़ तोड़ के माहिर तेज तर्रार भाजपा नेता दर्शन सिंह सैणी का यह कांग्रेस को दूसरा झटका है। सैणी ने जल बोर्ड वाइस चेयरमैन बनने के बाद कसम खाई थी कि चूंकि नप बद्दी में कई घोटाले हुए हैं इसलिए मैं एक माह में इसको बदल दूंगा। एक दाव तो दर्शन खेल चुके हैं और तीन दिन के भीतर ही उन्होंने दूसरा दाव खेला है और अब देखना है कि वो कितना निशाने पर बैठता है। आज भाजपा के पांचों पार्षद एडवोकेट संदीप कुमार सचदेवा, सुषमा कुंडलस, निर्मला देवी ठाकुर, माया देवी व नरेंद्र कुमार दीपा जिलाधीश कार्यालय पहुंचे और नप प्रधान बद्दी मदन लाल के विरुद्ध अविश्वास पत्र सौंपा। इसके बाद दून कांग्रेस के एकमात्र गढ़ बद्दी पर भी खतरा मंडरा गया है। मदन लाल व उनका परिवार नगर परिषद 18 साल से काबिज हैं और उनका एकछत्र राज यहां चलता रहा है। उन्हीं की एक पाटी के पार्षद ने पाला बदल कर भगवा चोला पहना और उसके बाद भाजपा के पास 5 पार्षद हो गए और कांग्रेस के पास मात्र चार रह गए। जिलाधीश को अविश्वास मत सौंपते समय दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, जल बोर्ड उपाध्यक्ष दर्शन सिंह सैणी भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। सत्ता बदलने का सारा तामझाम तेजतर्रार नेता दर्शन सिंह सैणी के नेतृत्व में रचा जा रहा है जो कि राजनीति के पुराने व जोड़तोड़ के मंझे हुए खिलाड़ी हैं।
उपायुक्त विनोद कुमार ने बताया कि पांच पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव सौंपा है। इसमें नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उपायुक्त ने जल्द ही बैठक बुलाने के संकेत दिए हैं। बैठक में अध्यक्ष को बहुमत साबित करना होगा।