क्षेत्रीय अस्पताल में किडनी के मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं
स्वास्थ्य विभाग कंपनी से दो और डायलिसिस मशीनें लगाने की बना रहा है योजना
अभी अस्पताल में मरीजों के लिए लगी हैं चार डायलिसिस मशीनें
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। किडनी से संबधित मरीजों को अब क्षेत्रीय अस्पताल में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अस्पताल प्रशासन एक निजी कंपनी से दो और डायलिसिस मशीनें लगाने की योजना बना रहा है। अभी क्षेत्रीय अस्पताल में कंपनी के साथ किए गए करार के चलते चार मशीनों को लगाया है। यहां पर प्रतिदिन नियमित रूप से मरीजों के डायलिसिस हो रहे हैं। इन मशीनों के अस्पताल में लगने के बाद किडनी से संबधित मरीजों को चंडीगढ़ और शिमला के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। अब दो और मशीनों के लगने से अस्पताल में लोगों को डायलिसिस करवाने में और आसानी होगी। सोलन के सबसे बड़े अस्पताल में लोगों को अब डायलिसिस के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। किडनी के मरीजों के लिए विभाग और दो डायलिसिस मशीनों को स्थापित करने जा रहा है। अस्पताल में करीब तीन वर्ष पहले लोगों के लिए डायलिसिस की सुविधा को शुरू किया था। इसके बाद प्रतिदिन मरीजों के डायलिसिस अस्पताल में हो रहे हैं। इन मशीनों को लगाने के लिए निजी कंपनी से करार किया था। अब फिर से विभाग दो और मशीनें लगाने के लिए कंपनी से बातचीत कर रहा है। इन दो अतिरिक्त मशीनों के लगने से और अधिक मरीज अपने डायलिसिस अस्पताल में करवा पाएंगे। चिकित्सा अधीक्षक महेश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में दो और डायलिसिस मशीनें लगाने की बात निजी कंपनी से चल रही है। जल्द ही सहमति बनने पर मशीनों को अस्पताल में लगवाया जाएगा।
बीपीएल परिवारों के मुफ्त होते हैं डायलिसिस
क्षेत्रीय अस्पताल में निजी कंपनी डायलिसिस करवाती है। खास बात यह है कि बीपीएल परिवारों के डायलिसिस मुफ्त में करवाए जाते हैं। इसी के साथ अन्य लोगों से केवल 1200 रुपये डायलिसिस के लिए जाते हैं। अस्पताल से बाहर लोगों को अपना डायलिसिस करवाना पड़े तो उन्हें निजी अस्पतालों में भारी-भरकम पैसे चुकाने पड़ते हैं।