अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की टोकन प्रणाली के खिलाफ अब लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अस्पताल में टोकन प्रणाली लागू होने की वजह से मरीज अपनी बारी के इंतजार में ओपीडी के बाहर खड़े रहकर कर रहे हैं या फिर उन्हें फर्श पर बैठना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने ओपीडी के बाहर मरीजों के बैठने व इंतजार करने लायक पर्याप्त बेंच की व्यवस्था नहीं की है।
इस वजह से मरीजों को टोकन देने के बाद बैठने की उचित व्यवस्था न होने से उन्हें फर्श पर बैठ कर ही अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा मुश्किल बुजुर्गों और महिलाओं को पेश आ रही है। बुजुर्गों को ओपीडी के बाहर प्राथमिकता देने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इससे बुजुर्गों को भी घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए अस्पताल की पांच ओपीडी में टोकन सिस्टम को शुरू किया गया था।
आलम यह है कि मरीजों को फर्श का सहारा लेना पड़ रहा है। साथ ही अस्प्ताल की ओर से लगाए बेंच नाकाफी साबित हो रहे हैं। इससे मरीजों को ओपीडी के बाहर भारी मात्रा में लगने वाली भीड़ से भी निजात नहीं मिल रही है। बैठने की पर्याप्त सुविधा न होने से मरीज की मानसिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। ओपीडी के बाहर से आने जाने वाले मरीजों को भी भीड़ के बीच से होकर ही जाना पड़ रहा हैै।
इन ओपीडी में शुरू हुई थी सुविधा
अस्पताल में मरीजों को भारी भीड़ से निजात दिलवाने के लिए गाइनी ओपीडी में एक, ऑर्थो ओपीडी में दो, शिशु ओपीडी और मेडिसन ओपीडी में एक टोकन सिस्टम और डिस्पले सिस्टम लगाया है। आलम यह है कि मरीज और तीमारदार को बेंच की सुविधा न होने से फर्श का सहारा लेना पड़ रहा है।
अतिरिक्त बेंच लगाने के लिए अस्पताल प्रयासरत : शर्मा
कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक आरके शर्मा ने बताया कि अस्पताल में ओपीडी के बाहर जगह कम होने से समस्या आ रही है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त बेंच लगाने के प्रयास कर रहा है। चार पर्चियों के बाद बुजुर्ग मरीज को उपचार के लिए बुलाया जा रहा है।