कुनिहार (सोलन)। विद्युत बोर्ड में सेवाएं दे रहे फील्ड स्टाफ के आउट सोर्स कर्मचारियों का भविष्य सरकार की अनदेखी की वजह से अधर में लटका है। इन आउटसोर्स कर्मचारियों में कई वायर मैन परमिट धारक भी हैं जो ठेकेदारों के अधीन कार्य करने को मजबूर हैं। इन कर्मचारियों को दूर-दूर तक लोगों के घरों की बिजली दुरुस्त करने जाना पड़ता है। कार्य करते हुए यदि इन कर्मचारियों के साथ कोई भी अनहोनी हो जाए तो सरकारी कर्मचारी की तरह इन्हें किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिलता। इस तरह इन आउट सोर्स कर्मचारियों को अपना और अपने परिवार का भविष्य अधर में लटका नजर आ रहा है।
भारतीय मजदूर संघ के सह सचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि अभी तक सरकार ने सिर्फ आईटीआई से इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को ही लाइनमैन के पद पर तैनात कर रखा है। वर्ष 2015 में ली लाइनमैन के पदों की परीक्षा में वायरमैन परमिट धारकों को भी लिखित परीक्षा के लिए आवेदन पत्र भरने को कहा था। उन्होंने कहा कि सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों की अनदेखी करती रही है। भारतीय मजदूर संघ ने सरकार से मांग की है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कोई ठोस नीति बनाई जाए।