सोलन। ऑटो में चालकों को अब आरसी सार्वजनिक रूप से लगानी होगी। आरसी के माध्यम से ऑटो चालक की पहचान होगी। यही नहीं जिन ऑटो में आरसी या पंजीकरण पहचान पत्र नहीं मिलेगा उन्हें सड़क पर चलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यह फैसला परिवहन विभाग ने ऑटो सबलेट मामले की जांच के दौरान पाई गईं खामियों को दुरुस्त करने के लिए लिया है।
परिवहन विभाग ने सोलन में बेरोजगारों को ऑटो चलाने के परमिट बांट रखे हैं। ऑटो का पंजीकरण बेरोजगारी के प्रमाणपत्र के आधार पर होता है। साथ ही विभाग ने यह नियम भी बना रखा है कि ऑटो जिसके नाम पर पंजीकृत होगा वो ही बेरोजगार उसे चलाएगा। इस कड़ी में सोलन में करीब साढ़े पांच सौ ऑटो का पंजीकरण किया गया लेकिन बाद में ऑटो को उनके मालिकों ने सबलेट कर दिया। आलम यह है कि अब ज्यादातर ऑटो सबलेट आधार पर चल रहे हैं और जिन लोगों ने ऑटो का पंजीकरण करवाया है वे दूसरे काम धंधों में व्यस्त हैं।
ऑटो उनके लिए दोहरी कमाई का माध्यम बना हुआ है। विभाग ने इस पूरे मामले पर जांच बैठा रखी है। लेकिन ऑटो चालकों की कोई खास पहचान न होने से इनकी सही ढंग से जांच पूरी नहीं हो पा रही। अब विभाग ने ऑटो की आरसी और फोटो युक्त लाइसेंस ऑटो में लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके बाद विभाग को ऐसे ऑटो चालकों की पहचान करना आसान हो जाएगा। इन्होंने ऑटो किसी दूसरे को चलाने के लिए दे रखे होंगे।
ऑटो में आरसी नहीं तो पंजीकरण रद्द
आरटीओ एमडी शर्मा ने कहा कि ऑटो चालकों को लाइसेंस या आरसी ऑटो में लगानी होगी ताकि उनकी पहचान हो सके। विभाग की टीम कभी भी औचक निरीक्षण पर इनकी जांच कर सकती है। कहा कि जिस ऑटो चालक ने आरसी ऑटो में नहीं लगाई होगी उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ऑटो का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है।
महिलाओं को महसूस होगी ज्यादा सुरक्षा
ऑटो में आरसी लगाने की वजह से उसमें सफर कर रही सवारियों खासतौर पर महिलाओं को और अधिक सुरक्षा महसूस होगी। ऑटो चालक की पहचान सवारियों के सामने उजागर रहेगी। यदि कोई ऑटो चालक लापरवाही करता है तो उसके नाम से सवारी शिकायत दर्ज करवा सकती है।