शहर के अप्पर बाजार, मेन बाजार, शिल्ली रोड और चौक बाजार में 50 साल पुराने ड्रेनेज सिस्टम को अंडरग्राउंड किया जाएगा।
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सोलन। आदर्श चुनाव आचार संहिता का असर अब शहर के विकास पर दिखने लगा है। विस चुनाव के चलते मतगणना तक आचार संहित लागू रहने से कई विकास कार्य अधर में अटक गए हैं। न तो नप की त्रैमासिक बैठक हो पा रही है न ही लोगों के काम। शहर में बनने वाले नए मकान और नक्शे पास करवाने आने वाले लोगों को इस कारण सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
शहर में करीब एक दर्जन से अधिक लोगों के घरों के निर्माण कार्यों पर आचार संहिता का असर दिख रहा है। इसके अलावा बिल, कर्मचारियों को भुगतान, आय और अवार्ड सहित शहर के चार वार्डों को नई आठ इंच की पाइप लाइन योजना से जोड़ने की मुहिम भी रुक गई है। यह सभी कार्य नप के हाउस की बैठक में सदस्यों की स्वीकृति से किए जाने हैं। लेकिन आचार संहिता के चलते नप हाउस नहीं बुला पा रही है। इसमें अगस्त से लेकर अभी तक के आय-व्यय के बारे में चर्चा नहीं हो सकी है। हालांकि नप ने हाउस की बैठक सहित रुके अन्य कार्यों को पूरा करने के लिए चुनाव आयोग से स्वीकृति मांगी है, जैसे ही इसके लिए स्वीकृति मिलती है रुके विकास कार्यों सहित अगस्त से अभी तक की समीक्षा की जाएगी।
लोगों ने कई माह पहले अपने भवन संबंधित और नक्शों के कार्यों के लिए नप में अप्लाई किया है। लेकिन वह कार्य नहीं हो रहे। शहर के चार वार्डों को आठ इंच की नई पाइपलाइन को बिछाने का कार्य भी रुका पड़ा है। इस पाइपलाइन से शहर के वार्ड नंबर 2, 3, 12 और 13 के करीब 12 हजार लोगों को सुविधा मिलनी है। इसका कार्य करीब 10 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। वर्तमान में इन वार्डों के लिए चार इंच की पाइस से सप्लाई दी जा रही है। यह पाईप जगह-जगह से फट चुकी है। कुछ क्षेत्रों में यह लाइन लोगों के घरों के नीचे से गुजर रही है। इस कारण इस पाइप लाइन को दुरुस्त करने में नप के कर्मचारियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन वार्डों में पानी की सप्लाई भी सुचारु रूप से प्रदान नहीं की जा रही है। कम प्रेशर के कारण लोगों की छत पर रखी पानी की टंकी तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। अब इस पाइपलाइन के बिछने से क्षेत्र के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
चुनाव आयोग से मांगी स्वीकृति
नगर परिषद अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि आचार संहिता के चलते नप अपने हाउस की बैठक नहीं करवा पाया है। इसके चलते तीन माह के बिल, पेमेंट सहित इनकम के बारे में समीक्षा नहीं हो सकी। इसके अलावा लोगों के नक्शे और अन्य विकास कार्य भी रुके पड़े हैं। इन्हें शुरू करने के लिए उन्होंने चुनाव आयोग से स्वीकृति मांगी है।