कसौली, चायल, करोल और सोलन में बर्फबारी, 13 रूट प्रभावित
सोलन की कई सड़कें बंद, पर्यटक नगरी चायल, कसौली में बिजली गुल, बार-बार लग रहे कट
जिला के निचले क्षेत्र में बर्फबारी और बारिश के बाद बढ़ी ठंड
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। जिले के चायल, कसौली, करोल और सोलन में में अच्छी बर्फबारी हुई। इससे पहले सोलन क्षेत्र में बर्फबारी हुई थी लेकिन वह टिकी नहीं थभ्। इयस बार बर्फ टिकी। इससे निचले क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। इसके अलावा भारी बर्फबारी से पर्यटक नगरी चायल, कसौली के कई मार्ग भी बंद हो गए हैं। इससे पथ परिवहन निगम सोलन डिपो के भी 13 रूट प्रभावित हो गए हैं। इसके अलावा चायल, कसौली सहित अन्य क्षेत्रों में बिजली कट लगना शुरू हो गए हैं। इसके चलते लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बर्फबारी और भारी बारिश से निचले क्षेत्रों में ठंड में इजाफा हो गया है।
जानकारी के अनुसार जिला सोलन में पिछले दो दिन से मौसम खराब था। वीरवार की सुबह से बारिश और तेज हवाएं चलना शुरू हो गया था जिसके बाद यह बारिश देर रात तक चलती रहीं। इसके बाद एकदम मौसम शांत हो गया और सोलन के कई क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई।
ये मार्ग और रूट बंद
भारी बारिश और बर्फबारी से हिमाचल पथ परिवहन निगम के 13 रूट प्रभावित हुए हैं। इसमें सोलन-फोगन, सिहार-शिमला, राजगढ़-पिडन, संगडाह-राजगढ़, लाणाचेता-राजगढ़, काठीभरण-राजगढ़, दिनेश्वर-सोलन, घणोच-सोलन, हाबड-सोलन, बगेटू वाया बिशा-सोलन, बाशा-सोलन, चालय-सोलन, विजमल-सोलन शामिल हैं। शिमला से चंडीगढ़, दिल्ली सहित अन्य लांग रूट पर जाने वाली बसें भी शिमला में मार्ग बंद होने से शिमला के ढली से देरी से चले हैं। इसके अलावा बर्फबारी से पर्यटक नगरी चायल के संपर्क मार्ग सहित चायल-कुफरी-गौड़ा, सोलन, साधुपुल जुन्गा, जुन्गा-चायल सहित कसौली के लिए क्षेत्र के कुछ मार्ग बंद पड़े हैं।
सोलन क्षेत्र की फसलों के लिए अच्छी साबित होगी बर्फबारी
जिले के किसानों की मानें तो बर्फबारी उनकी फसलों के लिए वरदान है। किसानों का कहना है कि काफी समय बर्फ न गिरने से उनकी भूमि में बहुत से कीट पैदा हो गए थे। उनका मामना है कि बर्फबारी जमीन में पड़ने वाली ठंडक से फसलों को नष्ट करने वाले कीट भी मर जाते हैं। टमाटर, शिमला मिर्च सहित अन्य फसलों की अच्छी पैदावार के लिए यह बर्फबारी लाभकारी सिद्ध होगी। वहीं वर्तमान में किसानों ने लगाई फसलों के लिए यह संजीवनी से कम नहीं हैं।