फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्रैशर के लिए बिना मंजूरी के काट दिए हरे पेड़

विज्ञापन
tree cutting
विज्ञापन
दाड़लाघाट (सोलन)। पंचायत बसंतपुर के भेल गांव में क्रैशर लगाने के लिए चीड़ के दर्जनों हरे पेड़ों को काट दिया गया। इन पेड़ों को जड़ों सहित उखाड़ कर सुबूत मिटाने की भी कोशिश की गई है। वन विभाग ने शिकायत मिलने के बाद वीरवार को दबिश देकर मौके से पेड़ों के अवशेष और लकड़ी को कब्जे में लिया है। विभाग ने इस मामले की तफतीश भी शुरू कर दी है।
विज्ञापन

पेड़ों को बिना अनुमति के काटने की पुष्टि वन विभाग ने की है। स्थानीय ग्रामीणों प्यारे लाल, नरपत, प्रेमलाल, संतराम, जमुनादास, लेख राम और देवी राम ने कहा कि क्रैशर सभी नियमों को ताक पर रखकर लगाया है। गांव भेल और सरकारी स्कूल क्रैशर से मात्र 200 मीटर दूर है। क्रैशर के ठीक नीचे से अर्की-भूमति-पिपलुघाट संपर्क सड़क गुजरती है। इससे यात्रियों की सुरक्षा भी दांव पर रहेगी। गांव में तीस परिवारों के लगभग 250 लोग क्रैशर से पैदा होने वाले प्रदूषण की ज़द में हैं।
क्रैशर मालिकों ने ऊंची पहुंच के चलते क्रैशर लगाने की मंजूरी हासिल कर ली है। लेकिन यह क्रैशर आम लोगों के लिए घातक है। क्रैशर की माइनिंग से नीचे से गुजर रही सिंचाई कूहल, पीने के पानी के स्रोत और गांव का रास्ता मलबे में दब गया है। ग्रामीण दो सालों से इसका विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद क्रैशर को मंजूरी दे दी गई। गांव में अधिकतर लोग कृषि पर निर्भर है जिन्हें अपने एकमात्र व्यवसाय पर अब क्रैशर के चलते खतरा मंडराता हुआ दिख रहा है। अब इसके निर्माण के लिए दर्जनों पेड़ों को काट दिया है। अधिकतर पेड़ मलबे में दबे हैं। निजी भूमि के साथ सरकारी जमीन भी है। इसकी निशानदेही होनी चाहिए। उन्होंने विभाग से इस जगह की डिमार्केशन करवाने की मांग की है।
विज्ञापन


खनन विभाग से मांगेंगे रिपोर्ट : एसडीएम
अर्की की एसडीएम ईशा ठाकुर ने कहा कि इस मामले की जांच प्रशासन अपने स्तर पर करवाएगा। नियमों का उल्लंघन किया होगा तो कड़ी कार्रवाई होगी। खनन विभाग से भी क्रैशर को लेकर रिपोर्ट मांगी जाएगी ताकि लोगों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों की जांच की जा सके। अवैध कटान को लेकर वन विभाग खुद जांच करेगा।

विभाग करेगा कड़ी कार्रवाई : बीओ
वन विभाग के बीओ सत्य देव शर्मा ने कहा कि क्रैशर लगाने के दौरान बिना इजाजत के पेड़ काटने का मामला सामने आया था। इस पर कार्रवाई करते हुए वन रक्षक को मौके पर भेजा है। मौके पर 17 पेड़ों के काटे जाने की पुष्टि हुई है। इन पेड़ों की लकड़ी और अवशेष वन विभाग ने कब्जे में ले लिए हैं। वन विभाग नुकसान का आकलन कर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें