सोलन। नालागढ़ अस्पताल में बेहतर इलाज न मिल पाने की वजह से युवक की मौत के बाद परिजनों की ओर से लगाए आरोप पर जांच शुरू हो गई है। परिजनों के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी डॉक्टर के खिलाफ भादंसं की धारा 336 व 304ए के तहत मामला दर्ज हुआ है। डॉक्टर पर मरीज की जान जोखिम में डालने और लापरवाही से मौत के आरोप लगे हैं। परिजनों का कहना है कि मरीज दर्द से तड़पता रहा, लेकिन डॉक्टर फोन पर व्यस्त रहे।
बुखार से पीड़ित रविंद्र सिंह को शनिवार सुबह करीब पौने नौ बजे एफआरयू नालागढ़ लाया गया था। मृतक के पिता सुभाष चंद निवासी किशनपुरा का आरोप है कि उस समय जो डॉक्टर ड्यूटी पर थे वह फोन पर व्यस्त रहे। इस दौरान डॉक्टर ने एक बार भी उसके बेटे को देखने की कोशिश नहीं की। सुभाष चंद के अनुसार उन्होंने कई बार डॉक्टर को बुलाया, लेकिन वो नहीं आया और बाहर ही घूमता रहा। इससे करीब साढ़े दस बजे रविंद्र सिंह की मौत हो गई। सुभाष चंद ने पुलिस को बताया कि यदि डॉक्टर पेशे की परवाह करता तो उसका बेटा बच जाता। परिजन बेटे को रेफर करवाना चाहते थे। युवक की मौत पर शनिवार को परिजन व ग्रामीणों ने खूब हंगामा किया और थाने में भी धरना दिया था। उसके बाद पुलिस ने जांच की बात कहकर भीड़ को शांत करवाया। पुलिस इस सिलसिले में डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर साक्ष्य जुटाने में लग गई है।
जांच से पहले क्लीनचिट
स्वास्थ्य विभाग ने जांच से पहले ही आरोपी डॉक्टर को क्लीन चिट दे दी है। नालागढ़ बीएमओ कुलदीप ने कहा कि डॉक्टर ड्यूटी पर था और उसने युवक को बचाने की कोशिश की। युवक को आखिरी मौके पर अस्पताल लाया गया था। डॉक्टर ने अपनी ओर से पूरी कोशिश की, लेकिन वो नहीं बचा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की इस मामले में कोई लापरवाही नहीं है।
पुलिस जुटा रही है साक्ष्य : डीएसपी
डीएसपी साहिल अरोड़ा का कहना है कि पुलिस ने भादंसं की धारा 336 व 304ए के तहत डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह मामला मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पूछताछ कर सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।