जमीन की औपचारिकताओं के चलते बाईपास रोड का काम अधर में अटका
2018 में नहीं मिलेगी सोलन शहर को जाम से निजात, 25 करोड़ से पांच किमी दो लाइन सड़क का होगा निर्माण दिसंबर 2018 तक थी निर्माण पूरा करने की अवधि, अब अगले साल मिलेगी लोगों को सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। शामती-आंजी बाईपास की सुविधा सोलन शहर के लोगों को इस साल नहीं मिल सकेगी। 21 नवंबर 2016 को शुरू निर्माण कार्य दिसंबर 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन, जमीन हस्तांतरण की कार्रवाई में देरी के चलते यह कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका। हालांकि, संबंधित विभाग की ओर से ने जमीनी कार्रवाई पूरी करने के लिए प्रभावित लोगों को इससे संबंधित कार्य करने की सूचना दी है। कुछ किलोमीटर में कटिंग का कार्य किया जा रहा है। पहले बाईपास के लिए सभी जमीन की औपचारिकता पूरी हो गई थी। लेकिन आंजी में जिस स्थान पर यह मार्ग फोरलेन से जुड़ेगा, वहां पर जंक्शन का होना बहुत जरूरी है। इसके लिए बाईपास निर्माण को उक्त स्थान पर और जमीन की आवश्यकता थी जिस कारण इसका कार्य पूरा नहीं हो सका है। इस इस बाईपास का निर्माण करीब 25 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। इसमें करीब पांच किलोमीटर की दो लाइन सड़क बनेगी। इसे पूरा करने की समय अवधि दिसंबर 2018 तक की थी। इस बाईपास से शहर सहित राजगढ़ रोड पर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। वर्तमान में राजगढ़ की तरफ से चंडीगढ़ के लिए जाने वाले सभी छोटे-बड़े वाहन सोलन शहर से होकर जाते हैं जिससे शहर में जाम की स्थिति बड़ जाती है। वहीं चंडीगढ़ से आने वाले वाहन भी राजगढ़ के लिए यहीं से गुजरते है। बाईपास के निर्माण हो जाने के बाद चंडीगढ़ और राजगढ़ के लिए जाने वाले सभी वाहन शहर से न आते हुए बाहर से ही क्रॉस हो सकते हैं। इससे शहर में लगने वाले लंबे जाम से लोगों को सुविधा मिलेगी। इससे लोगों का करीब आधे घंटे का समय भी बचेगा। अभी आंजी से शामती तक पहुंचने में बड़े वाहनों को जाम में फंसते हुए करीब पौने या एक घंटे का समय लगता है। इससे उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
शिमला के साथ अपर लोगों को भी मिलेगी सुविधा
इस बाईपास निर्माण कार्य से शिमला सहित अपर हिमाचल के बागवानों और किसानों को लाभ मिलेगा। शिमला से चंडीगढ़ को अपना उत्पाद लेकर जाने वाले बागवान और किसान शिमला के कुफरी से कुफरी चायल होते हुए गोड़ा मार्ग, गिरीपुल होते हुए इस बाईपास मार्ग से शामती में इस मार्ग से चंडीगढ़ के लिए जा सकते हैं। इस मार्ग से आने वाले छोटे सहित बड़े सेब की गाड़िया सोलन शहर होते हुए बाहरी राज्यों के लिए जाती है। इसके चलते शहर में जाम की समस्या अधिक हो जाती है।
जाम की समस्या होगी कम समय भी बचेगा
बाईपास के निमार्ण के बाद शहर के माल रोड, राजगढ़ रोड, बाईपास सहित अन्य स्थानों पर लगने वाले लंबे जाम से भी छुटकारा मिलेगा। इस बाईपास के तहत सभी बड़े वाहन शहर से न होते हुए बाहर से ही अपने स्थानों के लिए रवाना हो सकेंगे। उन्हें जाम की समस्या से का सामना नहीं करना पड़ेगा, उनका करीब आधे घंटे का समय भी बचेगा।
बृज का भी होगा निमार्ण
बाईपास को ज्यादा न घुमाते हुए इसे छोटा और कम मोड़ वाला बनाने के लिए इसके लिए शामती के समीप स्थित नाले पर एक 25 मीटर स्पेन के बृज का निर्माण भी किया जा रहा है।
जमीनी कार्रवाई में लग रहा समय
लोक निर्माण विभाग के एसई एसपी जगोता ने बताया कि फोरलेन कार्य इस साल पूरा नहीं हो पाएगा। उन्होंने बताया कि निर्माण के लिए कुछ क्षेत्र में जमीन को लेकर में अधिक समय लग गया। इसे पूरा करने के लिए प्रभावित लोगों को भी सूचित किया है। अब इसका निर्माण कार्य 2019 में ही पूरा हो सकेगा।