नालागढ़ (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन से निकलने वाले एकमात्र एनएच नालागढ़-स्वारघाट सड़क का काम 30 जून तक पूरा नहीं हो सका। मुख्यमंत्री ने 22 फरवरी को नालागढ़ प्रवास के दौरान इसे 30 जून तक पूरा करने के कड़े निर्देश दिए थे। ठेकेदार का ठेका 30 जून तक इस काम को पूरा करने का था लेकिन दोनों ही बातें नहीं हो सकी हैं। एनएच प्राधिकरण के मुताबिक इस मार्ग का 75 फीसदी ही काम पूरा हो सका है।
नालागढ़ से बगलैहड़ तक कच्चे मार्ग पर 90 एमएम की डीबीएम डालने का काम अभी दो पैचों पर शेष है। इसकी 14 में से 12 पुलियां तैयार हैं जबकि दो पुलियों का काम 50 फीसदी हो गया है। इन कामों के बाद नालागढ़ से बगलैहड़ तक 14 किमी पूर्ण मार्ग पर 40 एमएम की एक परत डाली जानी है। इस काम को पूरा करने में अभी दो से ढाई महीने का समय और लगेगा। एनएच प्राधिकरण ने इस काम को पूरा करवाने के लिए और समय और ठेका बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल, चंगर क्षेत्र के लोगों को धूल मिट्टी के उड़ते गुबारों से तो निजात मिल गई लेकिन सड़क को पूरी तरह बनने में और समय लगेगा।
एक्सईएन एनएच प्राधिकरण अरविंद शर्मा ने कहा कि सड़क के अतिरिक्त काम और बारिश की वजह से थोड़ी देर हुई है। इसका अधिकांश कच्चा मार्ग पक्का हो गया है। उन्होंने कहा कि दो पुलियों का काम जारी है। उन्होंने कहा कि पत्राचार कर निर्माण पूरा करने के लिए और समय मांगा है।
दोबारा हुआ था नालागढ़ से बगलैहड़ तक के काम का ठेका
पिछले एक दशक से यह मार्ग लोगों की परेशानी का कारण बना है। कई बार आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम करने के बाद नालागढ़ से बगलैहड़ तक इस मार्ग के दोबारा टेंडर के बाद नए ठेकेदार ने कार्य शुरू किया। नालागढ़ से बगलैहड़ और बगलैहड़ से स्वारघाट तक दो हिस्सों में काम को बांटा गया था। नालागढ़ से बगलैहड़ तक मार्ग पर नंगल से महादेव पुल तक यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई और धूल मिट्टी से लोगों का जीना दुश्वार हो गया था। राजनीतिक दलों सहित सामाजिक संगठनों सहित लोगों ने बढ़चढ़ कर आंदोलनों में हिस्सा लिया। अब जाकर यह मार्ग लोगों सहित वाहन चालकों को मुहैया होने जा रहा है, लेकिन काम तय समय में पूरा नहीं हो सका है। इस काम को पूरा करने के लिए अभी और समय चाहिए।