अर्की (सोलन)। नगर पंचायत अर्की में लंबे समय से चल रही अध्यक्ष पद को लेकर सियासत जोरों पर है। नगर पंचायत में बुुधवार को अध्यक्ष पद पर अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक की गई। इसमें अध्यक्ष के खिलाफ छह वोट पड़े। इसके साथ ही अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। मौजूदा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होते ही नए अध्यक्ष के लिए सियासी गठजोड़ अंदरखाते शुरू हो गया है। हालांकि, भाजपा और कांग्रेस के गुटों में बंटी नगर पंचायत में दोनों ही दलों के अंदर भी गुटबाजी है।
ऐसे में अभी तक नए अध्यक्ष पद को लेकर कोई अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।
कई दिनों से चल रही नगर पंचायत अध्यक्ष की खींचतान को लेकर भाजपा तथा कांग्रेस पार्टी के नेता अपना-अपना अध्यक्ष बनाने के लिए एक दूसरे के साथ संपर्क करने में जुटे थे। इसमें अध्यक्ष पद को लेकर कोई बात सिरे नहीं चढ़ सकी। 13 अगस्त को नगर पंचायत के पार्षदों ने अध्यक्ष सावित्री गुप्ता के साथ कार्य न करने को लेकर नानक चंद, आशा परिहार, वीना ठाकुर, बालक राम, प्रदीप शर्मा और तुलसी गुप्ता ने एसडीएम छवि नांटा के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव रखा। इसे लेकर बुधवार को नगर पंचायत के कार्यालय सभी सदस्यों को लेकर बैठक हुई। इसमें सावित्री गुप्ता नदारद रहीं। बैठक में पूर्व अध्यक्ष का काफी देर तक इंतजार होता रहा। जब वह नहीं पहुंची तो कार्यवाही शुरू कर दी गई।
इस पर एसडीएम ने सभी सदस्यों को अगली कार्यवाही करने के लिए कहा। इस पर सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव की सहमति वोटिंग से करने को कहा और छह वोट सावित्री गुप्ता के खिलाफ पड़े। इसके बाद सावित्री गुप्ता को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर चार बार कब्जा जमाने में कांग्रेस ने सफलता हासिल की जबकि दो बार ही भारतीय जनता पार्टी ने सफलता हासिल की है।