नालागढ़ (सोलन)। शिक्षक दिवस पर अध्यापकों ने स्कूलों में कार्य तो किया लेकिन शिक्षक दिवस पर काले रिबन बांधकर अपना विरोध जताया। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ कै बैनर तले अध्यापकों ने काले बिल्ले लगाकर सरकार के खिलाफ सांकेतिक विरोध किया। संघ के जिला प्रधान नरोत्तम वर्मा, महासचिव कश्मीरी लाल ठाकुर, वित्त सचिव राकेश शर्मा ने बयान जारी कर कहा कि हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने 48 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा था जिसकी अनदेखी करने के चलते शिक्षक दिवस पर अध्यापकों ने कार्य तो किया लेकिन काले बिल्ले लगाकर अपना विरोध भी जताया। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को शिक्षा सचिव अरुण शर्मा जबकि पहली मई को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज को यह मांगपत्र सौंपकर चर्चा की थी।
शिक्षा मंत्री ने संघ की मांगों पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया लेकिन आज तक सरकार और विभाग ने संघ की मांगों पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया। उन्होंने कहा कि संघ 38 प्रवक्ताओं की वेतन वृद्धि रोकने का विरोध करता है और पुरानी पेंशन योजना की तुरंत बहाली की मांग करता है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों में 4-9-14 के टाइम स्क्ेल को मूल रूप में लागू करना, कंप्यूटर अध्यापक, पैरा, पीटीए और एसएमसी अध्यापकों के लिए ठोस नीति बनाना, मिडल स्कूलों में डीएम व पीटीआई के पदों को यथावत रखना, पीजीटी को प्रवक्ता पदनाम देना, शास्त्री व भाषा अध्यापकों को टीजीटी का दर्जा देना, सभी अनुबंध अध्यापकों को प्रथम नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता लाभ देना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन मांगों के आश्वासनों के बावजूद पूरा न होने से शिक्षक दिवस पर अध्यापकों ने अपना रोष जताया है।